तमिलनाडु के धारापुरम में शनिवार रात सड़क हादसे में 12 साल की बच्ची के माता-पिता की जान चली गई. यह हादसा उस समय हुआ जब उनका टू-व्हीलर ब्रिज निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में गिर गया. मृतकों की पहचान नागराज (44) और उनकी पत्नी आनंदी (38) के रूप में हुई है. वे अपनी बेटी दीट्चैया के साथ थिरुनल्लारू मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे, जब यह दुखद घटना घटी.
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की रात नागराज, उनकी पत्नी और उनकी 12 वर्षीय बेटी दीचिया थिरुनल्लारु मंदिर गए थे और बस से उतरने के बाद अपने स्कूटर से वापस घर जा रहे थे. जैसे ही वे कुल्लई पालयम क्षेत्र से गुजर रहे थे, उन्होंने अंधेरे में सड़क किनारे बिना किसी चेतावनी या बैरिकेडिंग के खोदे गए तीन गहरे गड्ढों को नहीं देखा और स्कूटर सीधे उनमें जा गिरा.
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इस हादसे में नागराज और आनंदी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दीट्चैया गंभीर रूप से घायल हो गई और गड्ढे में घंटों तक मदद के लिए पुकारती रही. कई घंटे बाद मुन्नार से लौट रहे कॉलेज स्टूडेंट्स की नजर गड्ढे में गिरे वाहन पर पड़ी. फिर जाकर मदद पहुंची. दीट्चैया को पहले धारापुरम और फिर कोयंबटूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
CM ने किया मुआवजे का ऐलान
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर कोई रिफ्लेक्टिव टेप या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया था, जो इस हादसे को टाल सकता था. वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये मुआवजा और बच्ची के इलाज के लिए 1 लाख रुपये सहायता की घोषणा की है.
प्रमोद माधव