पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के आदेश के बीच चेन्नई के एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे 23 साल के पाकिस्तानी मरीज की रविवार शाम मौत हो गई. मरीज पिछले 70 दिनों से ईसीएमओ (एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनशन) सपोर्ट पर था. अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल ने अपने बयान में बताया कि मरीज को 12 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसे इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (फेफड़ों की गंभीर बीमारी) के बाद गंभीर रेस्पिरेटरी फेल्योर की समस्या हो गई थी.
अस्पताल के अनुसार, चिकित्सा टीम ने मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन लंबे समय तक इलाज के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गया और 25 अप्रैल की शाम को उसका निधन हो गया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीज के देखभाल में लगे उसके रिश्तेदार को शव सौंप दिया गया है. इसके बाद शव को हवाई अड्डे भेजा गया, जहां से उसे पाकिस्तान भेज दिया गया है.
एमजीएम हेल्थकेयर ने अपने बयान में कहा, 'हमारे मेडिकल स्टाफ ने मरीज को बचाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किए. 70 दिन तक ईसीएमओ सपोर्ट पर रहने के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हो सका. अस्पताल ने मरीज के परिवार की मदद कर शव को सम्मानपूर्वक उसके देश भेजने की प्रक्रिया भी पूरी कर दी है.
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सराकर ने देश में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश जारी किया है.
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