राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल आज रूस के दौरे पर जाएंगे. एनएसए का ये दौरा कई मायनों में खास है, जिसपर दुनियाभर की नजर है. इस दौरे को 'शांति मिशन' से भी जोड़कर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि इस दौरान अजीत डोभाल रूस-यूक्रेन के बीच करीब 2 साल से चली आ रही जंग को रोकने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं. हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी कहा था कि इस जंग को खत्म करने में चीन और भारत का रोल अहम हो सकता है. ऐसे में डोभाल का रूस दौरा,जहां चीन के एनएसए भी मौजूद होंगे, उसपर सभी की नजर है.
जानें डोभाल का क्या है कार्यक्रम
डोभाल इस दौरे पर अक्टूबर में कजान में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले BRICS एनएसए बैठक में हिस्सा लेंगे. इस दौरान डोभाल रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए भी चर्चा कर सकते हैं. इस यात्रा के दौरान, उनकी चीनी समकक्ष के साथ एक अलग मीटिंग होने की संभावना भी है. इस यात्रा के दौरान डोभाल अपने रूसी समकक्ष और BRICS के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.बता दें कि यह BRICS एनएसए बैठक नए पांच सदस्य देशों—सऊदी अरब, यूएई, ईरान, मिस्र, और इथियोपिया के समूह में शामिल होने के बाद पहली बार हो रही है.
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क्यों खास है डोभाल का ये दौरा
अजीत डोभाल का ये दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में जब पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की थी तब पीएम मोदी ने कहा था कि वह शांति प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए एनएसए को रूस भेजेंगे. इस दौरे पर डोभाल के अलावा चीन और ब्राजील के भी प्रतिनिधि होंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान शांति को लेकर सार्थक चर्चा हो सकती है.
पुतिन ने क्या कहा था...
रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से युद्ध जारी है. कई देशों ने संघर्ष समाप्त करने की अपील की है.हाल ही में पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष पर उनके साथ संपर्क में रहने वाले तीन देशों का नाम लिया, जिसमें भारत भी शामिल था. अन्य दो देश चीन और ब्राजील थे. पुतिन ने कहा था कि ये वो देश हैं जिन्होंने इस सकंट को सुलझाने के लिए ईमानदारी से प्रयास किया है.
पीएम मोदी ने किया था यूक्रेन का दौरा
बता दें कि व्लादिमीर पुतिन की यह टिप्पणी पीएम मोदी द्वारा रूस और यूक्रेन दोनों की अपनी यात्रा के दौरान 'संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता' पर जोर देने के कुछ सप्ताह बाद आई. वहीं, जॉर्जिया मेलोनी ने भी हाल ही में माना है कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग को भारत रोक सकता है.
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