कंगना रनौत को जीतन राम मांझी की बहू का चैलेंज- औकात है तो ई भाषा बिहार में बोलकर दिखाओ...

दीपा मांझी ने कंगना को देशद्रोही बताया और चुनौती दी कि अगर उन्होंने जो बयान दिया है वो बिहार में दिया होता तो उनके मुंह को कीचड़ में डुबो दिया गया होता.

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कंगना रनौत-दीपा मांझी कंगना रनौत-दीपा मांझी

रोहित कुमार सिंह

  • पटना ,
  • 12 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST
  • आजादी वाले बयान पर विवादों में घिरीं कंगना रौनत
  • अभिनेत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हैंः नवाब

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपने आजादी वाले बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं. विपक्ष लगातार उन पर हमलावर है और मांग उठ रही है कि राष्ट्रपति उनसे पद्मश्री का सम्मान वापस लें. इसी बीच बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी ने कंगना रनौत पर तीखा हमला बोला है.  

दीपा माझी ने ट्वीट करके लिखा “ई कंगना रनौत के पता नहीं है कि एकरा जईसन कलमुही के हमनी बिहारी गोबर पाथे लायक नहीं बुझते हैं. पद्म सम्मान मिल गया तो शहीदों को ही अपमानित करने लगे".

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दीपा ने आगे कंगना को देशद्रोही बताया और चुनौती दी कि अगर उन्होंने जो बयान दिया है वो बिहार में दिया होता तो उनके मुंह को कीचड़ में डुबो दिया गया होता. इसी के साथ आगे ट्वीट में दीपा ने कंगना रनौत को “लतखोर” और “शुर्पणखा की बहन कंगना” तक कह दिया. इससे पहले दीपा मांझी ने लालू की बेटी रोहिणी आचार्य को “लबरी” कहकर बुलाया था.

नवाब मलिक ने साधा निशाना

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के आजादी वाले बयान को लेकर उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कंगना रनौत ने 2014 में आजादी मिलने वाली बातें कहकर हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है. 

नवाब मलिक ने कहा कि हम अभिनेत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हैं. केंद्र सरकार को कंगना से पद्म श्री अवॉर्ड वापस लेना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. ऐसा लगाता है कंगना रनौत ने इस तरह का बयान देने से पहले मलाना क्रीम (हशीश, एक विशेष किस्म की ड्रग्स जो हिमाचल में उगती है) की भारी खुराक ली थीं.

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बता दें कि इन दिनों नवाब मलिक मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में लगातार नए-नए खुलासे करके सुर्खियों में हैं. अब उन्होंने कंगना रनौत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. वहीं, कंगना रनौत आजादी को लेकर दिए बयान को लेकर विवादों में हैं. कंगना ने एक टीवी चैनल पर कार्यक्रम में 1947 में मिली आजादी को भीख बताया था. कंगना के इस बयान के बाद से उनकी काफी आलोचना हो रही है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज़ादी के 75वें साल में आजादी के रणबांकुरों का अपमान और गांधी-नेहरू-पटेल-बोस-भगत सिंह और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष व बलिदान वो नहीं समझ सकते जो “अंग्रेज के पिट्ठू” थे. इसीलिए Z सुरक्षा और पद्म श्री प्राप्त अनुयायीयों को आजादी संग्राम को बदनाम करने की सुपारी दी है. 

महिला कांग्रेस ने भी इसे लेकर आपत्ति जताई है. महिला कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से कंगना का पद्मश्री अवॉर्ड वापस लेने की मांग की गई है. इससे पहले भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी कंगना को फटकार लगाई थी.

उन्होंने कंगना का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार. इस सोच को मैं पागलपन कहूं या फिर देशद्रोह?

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