बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में मैदान में उतरे कई पूर्व मेयर और नगरसेवकों की संपत्ति में पिछले कुछ वर्षों में भारी उछाल आया है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अपलोड किए गए हलफनामे से ये खुलासा हुआ है कि कई उम्मीदवारों की चल-अचल संपत्ति दो से पांच गुना तक बढ़ गई है. 227 वार्डों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और इनमें से अधिकांश पूर्व पार्षद करोड़पति बन चुके हैं.
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को अपनी, पत्नी और आश्रितों की चल-अचल संपत्ति, बैंक डिपॉजिट, शेयर, ज्वेलरी और लोन की पूरी जानकारी हलफनामे में देना आवश्यक है. इन हलफनामों से पता चलता है कि कई नेताओं की संपत्ति में घर, फ्लैट, कमर्शियल प्रॉपर्टी, प्लॉट, बैंक डिपॉजिट और निवेश के रूप में भारी बढ़ोतरी हुई है. कुछ पार्षदों ने अपनी आय का स्रोत बिजनेस, खेती, किराया या सैलरी बताया है, लेकिन इतनी तेज बढ़ोतरी मतदाताओं के लिए जिज्ञासा का विषय बन गई है.
2 करोड़ बढ़ी पूर्व मेयर की संपत्ति
आंकड़ों के अनुसार, पूर्व मेयर श्रद्धा जाधव की कुल चल-अचल संपत्ति अब 46 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. दिलचस्प बात ये है कि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी संपत्ति 44 करोड़ थी, यानी मात्र एक साल में 2 करोड़ की बढ़ोतरी हुई.
इसी तरह विशाखा शरद राउत की संपत्ति जो 2017 में 14 करोड़ 37 लाख थी, अब बढ़कर 21 करोड़ 83 लाख रुपये हो गई है. यामिनी जाधव की संपत्ति में भी एक साल के अंदर 4 करोड़ रुपये का उछाल आया है और ये 14 करोड़ 57 लाख पहुंच गई है.
8 साल में कई गुना बढ़ी दौलत
वहीं, कुछ उम्मीदवारों की संपत्ति में पिछले आठ सालों के दौरान चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है. नील किरीट सोमैया की संपत्ति 2017 में 1 करोड़ 99 लाख थी जो अब बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गई है. तेजस्वी अभिषेक घोसालकर की संपत्ति में सबसे बड़ा उछाल दिखा है, जो 2017 के 25 लाख से बढ़कर अब 5 करोड़ रुपये हो गई है. समाधान सरवणकर की संपत्ति भी 9 करोड़ 43 लाख से लंबी छलांग लगाकर 46 करोड़ 59 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है.
इनके अलावा अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में बीजेपी के प्रभाकर शिंदे के पास 17 करोड़ 63 लाख और रवि राजा के पास 10 करोड़ 12 लाख की संपत्ति है. शैलेश फांसे 25 करोड़ और दीप्ति वाइकर 22 करोड़ 12 लाख की संपत्ति के साथ करोड़पतियों की सूची में शामिल हैं. मतदाताओं के बीच ये आंकड़े चर्चा और उत्सुकता का केंद्र बने हुए हैं.
दीपेश त्रिपाठी