संसद के शीतकालीन सत्र में सदन की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे की भेंट चढ़ रही थी. लोकसभा में जारी गतिरोध को देखते हुए स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी. ओम बिड़ला ने गतिरोध खत्म कराने के लिए सभी विपक्षी दलों के नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किया. स्पीकर की इस बैठक में सभी दलों के नेताओं ने गतिरोध खत्म करने को लेकर सहमति जताई लेकिन जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नारेबाजी शुरू कर दी.
हंगामे के बीच स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इससे पहले लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में गतिरोध टूटता नजर आया. स्पीकर ओम बिड़ला की ओर से बुलाई गई बैठक में इस बात पर सहमति बन गई थी कि सदन की कार्यवाही अब निर्बाध चलेगी. विपक्षी दलों के नेताओं ने चर्चा के बाद लोकसभा की कार्यवाही के सुचारू संचालन में सहयोग करने को लेकर सहमति जताई थी.
हालांकि, इस बैठक में बनी सहमति के कुछ ही समय बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित करनी पड़ी. विपक्षी दल कुछ मसलों पर चर्चा की मांग को लेकर अड़े रहे. लोकसभा स्पीकर की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी, टीआर बालू, सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, सुप्रिया सुले मौजूद रहे. इस बैठक में पीवी मिथुन रेड्डी, नमा नागेश्वर राव, अनुभव मोहंती, पिनाकी मिश्रा, जयदेव गल्ला भी उपस्थित थे. एन के प्रेमचंद्रन, गौरव गोगोई, रितेश पांडे भी इस बैठक में मौजूद रहे.
गौरतलब है कि राज्यसभा से विपक्षी दलों के 12 सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्ष आक्रामक रहा. विपक्षी दलों के सांसदों ने निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर संसद में हंगामा किया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने निलंबित सांसदों की ओर से राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र भी लिखा है. इस पत्र में सांसदों का निलंबन समाप्त करने की मांग की गई है.
हिमांशु मिश्रा / मंजीत नेगी / अशोक सिंघल