कोटा में फिर सुसाइड, नीट की तैयारी कर रहे छात्र ने दी जान

कोटा में छात्रों के सुसाइड का मामला थम नहीं रहा है. सामने आया है कि नीट की तैयारी कर रहे एक और छात्र ने सुसाइड कर लिया है. 20  वर्षीय छात्र दादाबाड़ी के वफ्फ नगर में किराये पर रहकर तैयारी कर रहा था और यहीं दादाबाड़ी की ही कोचिंग से पढ़ाई कर रहा था. वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और पिछले साल ही कोटा आया था.

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कोटा में छात्र ने किया सुसाइड (फाइल फोटो) कोटा में छात्र ने किया सुसाइड (फाइल फोटो)

चेतन गुर्जर

  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

कोटा में छात्रों के सुसाइड का मामला थम नहीं रहा है. सामने आया है कि नीट की तैयारी कर रहे एक और छात्र ने सुसाइड कर लिया है. 20  वर्षीय छात्र दादाबाड़ी के वफ्फ नगर में किराये पर रहकर तैयारी कर रहा था और यहीं दादाबाड़ी की ही कोचिंग से पढ़ाई कर रहा था. वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और पिछले साल ही कोटा आया था.

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नीट की तैयारी कर रहा था छात्र
बता दें कि आत्महत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक छात्र के शव को मोर्चरी में रखवाया है परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. दादावाड़ी थाना अधिकारी राजेश कुमार पाठक ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी 20 वर्षीय फोरीद कोटा में रहकर एक कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था.

छात्र ने क्यों की आत्महत्या, वजह नहीं आई सामने
वह वक्फ नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था. सोमवार दोपहर को वह कमरे में था. शाम तक कमरे से नहीं निकला तो अन्य छात्रों व मकान मालिक ने दरवाजा खटखटाया. नहीं खोलने पर पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो फोरीद संदिग्ध हालत में मृत मिला. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है.

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कोचिंग ने छात्र के पिता कमलाउद्दीन को सूचना दी है. परिजनों के कोटा आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. छात्र ने आत्महत्या क्योंकि इस बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चला है पुलिस मामले की जांच कर रही है.

लगातार आ रहे सुसाइड के मामले
देश के सबसे बड़े कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में एक के बाद सुसाइड के मामले सामने आ रहे हैं. औसतन देखें तो साल के लगभग हर महीने में यहां से छात्रों की आत्महत्या की खबर सामने आ जाती है. इसी साल अगस्त के शुरुआती 6 दिनों में तीन कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी. 

अब तक 28 छात्रों ने मौत को लगाया गले
कोचिंग हब कहलाने वाले राजस्थान के शहर कोटा में मेडिकल और इंजीनियर‍िंग की तैयारी के लिए बड़े बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं. बीते कुछ सालों से यहां से सफल छात्र भी निकल रहे हैं, लेकिन इसका स्याह पक्ष ये है कि इस माहौल से छात्रों के बीच गलाकाट प्रतिस्पर्धा और उससे मिलने वाला परफार्मेंस प्रेशर भी उन्हें सता रहा है. यहां पूरे देश से स्टूडेंट्स आकर तैयारी कर रहे हैं. इसी साल जनवरी से अक्टूबर तक 27 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके थे. नीट छात्र की आत्महत्या को जोड़ लें तो ये आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है.

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प्रशासन ने कराए हैं ये बदलाव
छात्रों के लगातार बढ़ रहे आत्महत्या के आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और कई तरह के कदम उठा रहा है, इसी कड़ी में प्रशासन की ओर से कोचिंग इंस्टीट्यूट से भी कई तरह के बदलाव करने की बात कही गई थी. यहां रूटीन टेस्ट के लिए 6 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की गई थी. 

ये हैं गाइडलाइन के 6 जरूरी बिंदु 
1. कोचिंग संस्थानों में यदि क्लास रेगुलर चल रही है तो टेस्ट 21 दिन में और कोर्स पूरा होने पर टेस्ट 7 दिन में लेने होंगे. 
2. टेस्ट के अगले दिन आवश्यक रूप से छुट्टी रखी जाएगी इस नियम को शक्ति से लागू किया जाएगा.
3. कोचिंग संस्थानों की ओर से होने वाले टेस्ट में स्टूडेंट की उपस्थिति उसकी इच्छा पर होगी यानी उसे टेस्ट देना ही है यह अनिवार्य नहीं होगा जो स्टूडेंट टेस्ट में शामिल होना चाहता है वह इसमें शामिल होगा और जो नहीं देना चाहता वह नहीं देगा यानी स्टूडेंट पर डिपेंड करेगा कि वह टेस्ट देना चाहे तो उसकी मर्जी नहीं कोई उसे फोर्स नहीं करेगा. 
4. टेस्ट के बाद काउंसलिंग सेशन करना जरूरी होगा जो बच्चे एवरेज से नीचे कैटेगरी के हैं उनके लिए स्पेशल सेशन चलाया जाएगा. 
5. टेस्ट के रिजल्ट तीन दिन बाद जारी करने होंगे. 
6. टेस्ट के रिजल्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा और इसे हर स्टूडेंट और पेरेंट्स को पर्सनली भेजा जाएगा रिजल्ट में रैंक सिस्टम को भी बंद कर दिया गया है.

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