केरल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निगरानी और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (VACB) ने एर्नाकुलम और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग मामलों में दो सरकारी अफसरों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में रिश्वत मांगने और लेने के आरोप हैं.
पहले मामले में, कोट्टायम जिले के एलेमगुलम गांव के अधिकारी विष्णु ओ एन एस को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. आरोप है कि उन्होंने एक वारिस संपत्ति के ट्रांसफर को पूरा करने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी.
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विरासत संपत्ति का मामला
शिकायतकर्ता की बहन ने जुलाई 2025 में अपने मृत पति के नाम की संपत्ति का ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन दिया था. सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने और प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद, विष्णु ने फाइल रोक रखी और ट्रांसफर पूरा करने के लिए रिश्वत की मांग की. शिकायत मिलने के बाद VACB कोट्टायम ने जाल बिछाया और गुरुवार को विष्णु को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया.
दूसरे मामले में, एर्नाकुलम जिले के पुथेनक्रूज निवासी सीनियर क्लर्क सूरज नारायणन को 1 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. वह एंगमाली स्थित असिस्टेंट लेबर ऑफिस में कार्यरत हैं और एक प्राइवेट फर्म के लेबर लाइसेंस नवीनीकरण के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़े गए.
लेबर लाइसेंस का मामला
सूत्रों के अनुसार, फर्म के मालिक ने ऑनलाइन आवेदन करके लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन क्लर्क ने आवेदन को रोक रखा. गुरुवार को सूरज ने शिकायतकर्ता को फोन करके 1 हजार 500 रुपये की मांग की. VACB कोच्चि ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सूरज को ऑफिस में रंगे हाथ पकड़ लिया.
दोनों आरोपियों को संबंधित निगरानी अदालतों में पेश किया जाएगा. VACB अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
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