वॉर शिप से लॉन्च होने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण सफल, ध्वनि की तीन गुना रफ्तार से लक्ष्य को भेदा

इंडियन नेवी ने रविवार को अपने रक्षा बेड़े और मजबूत कर लिया है. दरअसल नेवी ने अरब सागर में वॉर शिप से लॉन्च होने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया है. मिसाइल ने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया. यह मिसाइल ध्वनि की तीन गुनी रफ्तार से वार करती है. इस मिसाइल को डीआरडीओ ने तैयार किया है.

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कोलकाता में विध्वंसक युद्ध पोत से किया गया मिसाइल का परीक्षण कोलकाता में विध्वंसक युद्ध पोत से किया गया मिसाइल का परीक्षण

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 3:10 AM IST

नई दिल्ली : भारतीय नौसेना ने रविवार को अरब सागर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक प्रक्षेपास्त्र के पोत से लॉन्च किए जाने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया. एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना ने डीआरडीओ की तरफ से डिजाइन किए गए स्वदेशी ‘सीकर और बूस्टर’ के साथ पोत से प्रक्षेपित किए गए ब्रह्मोस प्रक्षेपास्त्र ने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया. इससे रक्षा क्षेत्र में हम ताकतवर होंगे. भारतीय सौसेना ने एक ट्वीट में कहा कि मिसाइल के सफल परीक्षण से आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा. मिसाइल का परीक्षण मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत कोलकाता से किया गया.

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जानकारी के मुताबिक ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक या ध्वनि की गति से लगभग तीन गुनी रफ्तार से लक्ष्य की तरफ जाती है. सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के पोत रोधी संस्करण का पिछले साल अप्रैल में भारतीय नौसेना और अंडमान निकोबार कमान की तरफ से संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था. भारतीय-रूसी संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें बनाता है, जिन्हें पनडुब्बियों, पोत, विमानों या भूमि से लॉन्च किया जा सकता है.

ब्रह्मोस का नाम ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा पर रखा गया है. भारत ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्यात भी करता है. पिछले साल जनवरी में तीन मिसाइल बैटरी की आपूर्ति के लिए फिलीपींस के साथ 37.5 करोड़ डॉलर का सौदा हुआ था.

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