India EU Trade Deal LIVE News Updates: भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को अपने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा कर दी. इस समझौते को यूरोपीय नेताओं की तरफ से 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल सप्लाई चेन को नई मजबूती देगा. उनके मुताबिक यह डील दोनों पक्षों के बीच भरोसे और साझेदारी का नया अध्याय खोलेगी.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस समझौते की जमकर तारीफ की. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, "हमने कर दिखाया." EU प्रमुख ने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और यूरोप दोनों के लिए फायदे का सौदा है और इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
India-EU ट्रेड डील के ऐलान पर लेटेस्ट अपडेट्स के लिए बने रहिए इसी लाइव पेज पर...
भारत-ईयू के संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की.
बयान में दोनों पक्षों ने साझा मूल्यों और सिद्धांतों जैसे लोकतंत्र, मानवाधिकार, बहुलवाद, कानून का शासन और संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के आधार पर भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को उच्च स्तर पर ले जाने का संकल्प जताया.
वे सुरक्षा खतरों से निपटने, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक मजबूती और सुरक्षा को मजबूत करने, जलवायु और जैव विविधता कार्य को आगे बढ़ाने और सतत विकास लक्ष्यों में प्रगति को तेज करने के लिए भी प्रतिबद्ध हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज का दिन हमेशा याद रखा जाएगा, जो हमारे साझा इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है." उन्होंने बताया कि यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर ऐतिहासिक भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने की घोषणा की गई है.
पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता आर्थिक रिश्तों को मजबूत करेगा, युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करेगा, कारोबार के नए मौके देगा, साझा समृद्धि को बढ़ाएगा और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करेगा. उन्होंने कहा, "दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह ऐतिहासिक डील अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगी और पूरी वैश्विक समुदाय को फायदा पहुंचाएगी."
प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे क्वालिटी नौकरियां बनेंगी, युवाओं, प्रोफेशनल्स, छात्रों और शोधकर्ताओं की मोबिलिटी बढ़ेगी और डिजिटल युग की संभावनाएं खुलेंगी. उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा FTA है, जिससे किसानों और छोटे उद्योगों को यूरोपीय बाजारों तक आसान पहुंच, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर और सेवा क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा.
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FADA) ने भारत-EU FTA को ऑटो सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है. FADA अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा कि टैरिफ ग्लाइड पाथ और TRQ सेफगार्ड्स में FADA की सिफारिशें शामिल की गई हैं.
FADA के अनुसार, भारत में यूरोपीय OEM की 95% से ज्यादा बिक्री पहले से ही लोकल मैन्युफैक्चरिंग से हो रही है. यह समझौता मेक-इन-इंडिया को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं के लिए विकल्प बढ़ाएगा. FADA ने वाणिज्य मंत्रालय को विस्तृत अध्ययन सौंपा था और मंत्री पीयूष गोयल को जानकारी दी थी. FTA में भारत के EV रोडमैप की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है. इससे भारतीय ऑटो कंपनियों के लिए निर्यात के नए मौके खुलेंगे और भारत को ग्लोबल मोबिलिटी हब बनाने के प्रयासों को समर्थन मिलेगा.
यूरोपीय यूनियन की तरफ से एक एक्स पोस्ट में कहा गया है कि EU और भारत ने आज एक महत्वाकांक्षी और व्यापक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी कर ली है. EU के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है, जिसे EU और भारत दोनों ने अपने इतिहास में कभी पूरा किया है.
यूरोपीय यूनियन की सदस्य काजा कैलास ने कहा, "जब दो बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम साझा सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं." उन्होंने कहा, “आज एस जयशंकर के साथ नई India-EU के बीच सिक्योरिटी समझौते पर हस्ताक्षर करना मेरे लिए खुशी की बात रही."
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, "हमें जो असाधारण मेहमाननवाज़ी मिली, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. कल गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना हमारे लिए सम्मान की बात थी." उन्होंने कहा, "यह याद मैं पूरी ज़िंदगी साथ लेकर चलूंगी, क्योंकि लोगों के बीच एकता की भावना बहुत मजबूत थी. सड़कें लोगों से भरी थीं, जो भारतीय राष्ट्र से जुड़े होने के गर्व और खुशी से एकजुट थे." उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, "भारत आगे बढ़ चुका है और यूरोप इससे सचमुच खुश है, क्योंकि जब भारत सफल होता है, तो दुनिया और ज़्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित होती है, और इसका फायदा हम सभी को मिलता है."
भारत-ईयू के ट्रेड डील पर अर्थशास्त्री शरद कोहली ने बताया कि आने वाले समय में भारत का व्यापार और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इस डील से जितना भारत खुश है, उससे कहीं ज्यादा यूरोपीय देशों में खुशी है. इसस यूरोपीय देशों को भी फायदा होगा. यूरोप के सभी 27 देश के साथ भारत का व्यापार आने वाले समय 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया... हमने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ डिलीवर की है."
यूरोपीय काउंसिल के नेता एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, "आज हमने अपनी ट्रेड बातचीत पूरी कर ली है. हमने इसे मई 2021 में फिर से शुरू किया था, जब पिछली भूमिका में मुझे उस बैठक की मेज़बानी करने का मौका मिला था." उन्होंने कहा, "हमारा यह शिखर सम्मेलन दुनिया को साफ संदेश देता है. ऐसे समय में जब वैश्विक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो रहा है, यूरोपीय संघ और भारत रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में साथ खड़े हैं.” कोस्टा ने कहा, "आज हम अपनी साझेदारी को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं. दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते हम मिलकर अपने नागरिकों को ठोस लाभ देने और शांति, स्थिरता, आर्थिक विकास और सतत विकास को मजबूत करने वाली वैश्विक व्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहे हैं."
एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, "मैं एक ओवरसीज भारतीय नागरिक भी हूं. जैसा कि आप समझ सकते हैं, मेरे लिए इसका खास मतलब है." उन्होंने कहा, "मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आता है और यूरोप तथा भारत के बीच का संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत है."
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि वह भारत के ओवरसीज नागरिक हैं. उन्होंने अपना एक पासपोर्ट भी दिखाया और कहा कि इससे पीपल टू पीपल टाइज मजबूत होंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, इस खास मौके पर हमारा स्वागत करने के लिए धन्यवाद. कल हमें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सौभाग्य मिला."
एंटोनियो कोस्टा ने कहा, "यह भारत की क्षमताओं और विविधता का बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन था. आज एक ऐतिहासिक पल है. हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों को लेकर अपने रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं."
एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, "मैं यूरोपीय काउंसिल का राष्ट्रपति हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज भारतीय नागरिक भी हूं. जैसा कि आप समझ सकते हैं, मेरे लिए इसका खास मतलब है." उन्होंने कहा, "मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आता है और यूरोप तथा भारत के बीच का संबंध मेरे लिए व्यक्तिगत है."
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,"आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है. 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह FTA साइन किया है." उन्होंने कहा, "इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी." पीएम मोदी ने आगे कहा, “यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता स्पष्ट एजेंडा देगा, साझा समृद्धि को आगे बढ़ाएगा. पीपल टू पीपल टाइज गहरे होंगे. भारत-ईयू का सहयोग एक ग्लोबल क्रूड है. पीएम मोदी ने कहा कि इस समझौते के तहत हम साथ मिलकर IMEA कॉरिडोर को आगे बढ़ाएंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ग्लोबल ऑर्डर में उथल पुथल है. पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थानों में रिफॉर्म का मुद्दा फिर से उठाया और कहा रिफॉर्म बहुत जरूरी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से एक नया युग शुरू हुआ है. भारत-ईयू की ये समिट अहम क्षण है. पीएम मोदी ने साझा भविष्य के प्रति ईयू नेताओं के सहयोग के लिए पीएम ने धन्यवाद दिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 27 तारीख और ये ऐतिहासिक इसलिए भी है क्यों आज ही यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ समझौता कर रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत का इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है. पीएम मोदी ने कहा कि आज मेरीटाइम, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद को लेकर साथ मिलकर काम किया जाएग. इंडो पैसिफिक में हमारा सहयोग बढ़ेगा. हमारी डिफेंस कंपनी साझा डेवलपमेंट के लिए ऑप्शन तलाश करेगी.
भारत और यूरोपीय संघ के बीच करीब दो दशकों की बातचीत के बाद आखिरकार व्यापार समझौता हो गया है. यूरोपीय नेता इस वक्त भारत में हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ बातचीत की. प्रधानमंत्री दोनों यूरोपीय नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते का औपचारिक ऐलान कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के नेता एंटोनियो कोस्टा को लिस्बन का गांधी कहा जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत हो गई है. कई मुद्दों पर सहमति बनी है. अब इसका औपचारिक ऐलान किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की. इस दौरान दोनों देशों के ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कई अहम समझौते भी हुए हैं.
- भारत-EU डील के तहत यूरोपीय संघ के केमिकल्स पर लगभग सभी उत्पादों के लिए टैरिफ खत्म किए जाएंगे.
- ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों पर EU के 90% उत्पादों के लिए टैरिफ समाप्त होंगे.
- EU की बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% किया जाएगा.
- EU की स्पिरिट्स पर टैरिफ घटाकर 40% किया जाएगा.
- EU की वाइन पर टैरिफ 20–30% तक कम किया जाएगा.
टैरिफ में बड़ी राहत
EU की 90–96% वस्तुओं पर टैक्स खत्म या कम
आयात लागत में भारी कमी
मशीनरी और इंडस्ट्रियल सामान
मशीनरी पर पहले 44% तक टैक्स
केमिकल्स पर 22% तक
दवाइयों/फार्मा पर 11% तक टैक्स
अब इन पर बड़ी राहत
शराब, बीयर और वाइन
EU वाइन पर टैक्स घटकर 20–30%
EU स्पिरिट्स पर टैक्स 40%
EU बीयर पर टैक्स 50%
खाने-पीने की चीज़ें
ऑलिव ऑयल
मार्जरीन
वेजिटेबल ऑयल
-इन पर टैरिफ पूरी तरह खत्म
गाड़ियां (Cars)
टैक्स धीरे-धीरे घटकर 10%
सालाना 2.5 लाख कारों की इंपोर्ट सीमा (Quota)
मेडिकल और सर्जिकल इक्विपमेंट
90% मेडिकल प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म
इलाज और जांच की मशीनें होंगी सस्ती
एयरक्राफ्ट और स्पेस सेक्टर
EU के लगभग सभी एयरक्राफ्ट और स्पेस प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म
सर्विस सेक्टर
EU की फाइनेंशियल कंपनियों को भारत में आसान एंट्री
मैरीटाइम, बैंकिंग, शिपिंग सेवाएं होंगी आसान और सस्ती
कुल फायदा
EU का दावा: हर साल 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचेगी
2032 तक India–EU ट्रेड दोगुना होने की उम्मीद
अतिरिक्त फायदे
अगले 2 साल में EU देगा 50 करोड़ यूरो
भारत को ग्रीनहाउस गैस कम करने में मदद
ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं ने मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया. 18 साल के लंबे इंतजार के बाद हुए इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, जो दुनिया की 25% जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है. इसके तहत भारत ने यूरोपीय रसायनों, विमानों और अंतरिक्ष यान से जुड़े करीब सभी प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क खत्म करने पर सहमति जताई है.
मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के 90% उत्पादों पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा. सबसे बड़ा बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए होगा, क्योंकि यूरोपीय शराब (Wine), बीयर, स्पिरिट और जैतून के तेल (Olive Oil) पर लगने वाले भारी भरकम शुल्क में भारी कटौती की गई है. साथ ही, यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों में भारत को कार्बन उत्सर्जन कम करने और औद्योगिक परिवर्तन के लिए 500 मिलियन यूरो की सहायता राशि प्रदान करेगा. यह समझौता 2032 तक यूरोपीय निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है और वित्तीय एवं समुद्री सेवाओं में यूरोपीय कंपनियों को विशेष पहुंच प्रदान करता है.
शराब, बीयर और जैतून का तेल होगा सस्ता
इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ से आने वाले कृषि-खाद्य उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे शुल्क को घटा दिया गया है. जैतून का तेल (Olive Oil), मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर अब शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा. शराब (Wine) पर लगने वाला 150% टैक्स घटकर 20-30% के दायरे में आ जाएगा, जबकि बीयर पर शुल्क 110% से घटाकर 50% और स्पिरिट पर 40% कर दिया गया है. इससे भारतीय प्रीमियम अल्कोहल बाजार में प्रतिस्पर्धा और विविधता बढ़ेगी.
कारों और मशीनरी पर भी बड़ी राहत
यूरोपीय कारों के लिए भारत ने सालाना 2,50,000 वाहनों के कोटा के साथ आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक लाने का फैसला किया है. मशीनरी पर लगने वाला 44% तक का टैक्स और रसायनों पर 22% टैक्स भी अब करीब खत्म हो जाएगा. विमान और अंतरिक्ष यान से जुड़े लगभग सभी उत्पादों पर से टैरिफ हटा दिया गया है, जो भारत के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी खुशखबरी है.
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण के लिए 500 मिलियन यूरो
व्यापार के अलावा, यह समझौता जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी एक बड़ा कदम है. यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों के भीतर भारत को 500 मिलियन यूरो (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की सहायता देगा. यह फंड भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को रफ्तार देने में खर्च किया जाएगा. इसके लिए 2026 की पहली छमाही में एक विशेष 'क्लाइमेट एक्शन प्लेटफॉर्म' भी लॉन्च किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं के बीच कई पहलुओं पर चर्चा होनी है. इसके लिए यूरोपीय नेताओं ने पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने यूरोपीय नेताओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया.
यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की.
यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए.
यूरोपीय संघ के नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. भारत और यूरोपीय संघ आज दिल्ली में अपने ट्रेड डील की घोषणा करने जा रहे हैं.
भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच करीब दो दशकों की बातचीत के बाद आज ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान होने जा रहा है. बताया जा रहा है कि आज सिर्फ इस समझौते का आधिकारिक रूप से ऐलान होगा.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India Energy Week 2026 के उद्घाटन समारोह में भारत-EU ट्रेड डील को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों के साथ भारत की यह डील दुनिया में "Mother of All Trade Deal" कही जा रही है. मोदी ने बताया कि EU के साथ हुआ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और EFTA जैसे पहले के समझौतों को भी मजबूती देगा. इससे न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन को भी नया सहारा मिलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और रूल ऑफ लॉ के प्रति दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत-EU ट्रेड डील पर बातचीत पूरी तरह भरोसे के माहौल में हो रही है. इस समझौते से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा और दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे. सर्विस सेक्टर में भी विस्तार होगा और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से आपसी विश्वास और गहरा होगा. पीएम मोदी के मुताबिक यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ, दोनों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से सहायक साबित होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "यूरोपीय देशों से भारत की डील को लोग दुनिया में 'Mother of All Deal' कह रहे हैं."
यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की.
दिल्ली में यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने कहा, "हमें स्वागत देने के लिए बहुत धन्यवाद और कल का गणतंत्र दिवस एक खास अनुभव था. इसके लिए भी धन्यवाद." उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए गर्व का पल था कि हमारे ऑपरेशंस भी इस परेड का हिस्सा थे. यह दिखाता है कि हम एक साथ मिलकर कैसे काम कर पाए हैं." काजा कैलास ने आगे कहा, "सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर एक बड़ा मील का पत्थर है और हम इसी आधार पर आगे बढ़ सकते हैं. बहुपक्षीय मंचों पर और द्विपक्षीय स्तर पर भी ऐसा बहुत कुछ है, जिस पर हम साथ मिलकर काम कर सकते हैं ताकि रक्षा सहयोग को और मजबूत किया जा सके." उन्होंने कहा, "मैं आज होने वाली चर्चाओं और भविष्य में और सहयोग को लेकर काफी उत्साहित हूं."
राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह राजघाट और उससे जुड़े इलाकों में कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक मूवमेंट पर रोक रहेगी. यह व्यवस्था यूरोपीय संघ के नेताओं के महात्मा गांधी स्मृति स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम को देखते हुए की जा रही है.
महात्मा गांधी स्मृति स्थल पर होने वाला आधिकारिक कार्यक्रम सुबह 9.15 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक चलेगा, जिसमें EU प्रतिनिधिमंडल और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे. दिल्ली पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, कार्यक्रम के सुचारू आयोजन के लिए विशेष ट्रैफिक इंतजाम किए जाएंगे.
करीब दो दशक की बातचीत के बाद आज 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक भारत-EU ट्रेड डील की घोषणा होगी. इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन करेंगे. वर्तमान में दोनों भारत के राज्य दौरे पर हैं और कल उन्होंने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया. यह ट्रेड डील दोनों पक्षों के बीच और सक्रिय सहयोग को बढ़ाएगी, जो दशकों से लंबे समय से मित्र रहे हैं.
भारत-EU ट्रेड डील की घोषणा से पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत के साथ लंबे रिश्तों की सराहना की. उन्होंने लिखा, "भारत अमर रहे. यूरोप और भारत की दोस्ती अमर रहे."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वें भारत-यूरोपीय संघ (EU) ट्रेड समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे. इस समिट में प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी सह-अध्यक्ष के रूप में शामिल होंगी. यह शिखर सम्मेलन भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगा.
भारत-EU ट्रेड डील को लेकर अमेरिका नाराज नजर आ रहा है. अमेरिकी वित्त मंत्री (US Secretary) स्कॉट बेसेंट ने इस समझौते पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. इस मुद्दे पर बोलते हुए बेसेंट ने कहा, "हमने भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर 25% टैरिफ लगाया. लेकिन पिछले हफ्ते क्या हुआ? यूरोप ने भारत के साथ ट्रेड डील साइन कर ली." उन्होंने आगे आरोप लगाया कि "यूरोपीय देश खुद अपने खिलाफ चल रही जंग को फाइनेंस कर रहे हैं." मसलन, आज डील तो भारत में होगी लेकिन इसका मैसेज सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तक जाएगा.