गोवा के बहुचर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है. नगोआ-अरपोरा पंचायत के पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने शुक्रवार सुबह मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया. रेडकर ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब अग्निकांड मामले में आरोपी हैं.
इससे पहले हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद वह फरार चल रहे थे. गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था. कोर्ट में पेशी के बाद जांच कर रही अंजुना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
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अवैध नाइटक्लब चलाने में मदद का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, रोशन रेडकर पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के साथ मिलकर लुथरा ब्रदर्स को ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब अवैध रूप से चलाने में मदद की. जांच में सामने आया है कि क्लब में कई तरह की अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन था.
इसके बावजूद रेडकर और बागकर ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही क्लब के खिलाफ सख्त कदम उठाए. पुलिस का आरोप है कि दोनों ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए नाइटक्लब को प्राथमिकता के आधार पर व्यापार लाइसेंस भी जारी किए.
डिमोलिशन आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, नाइटक्लब के खिलाफ पहले से ही कई उल्लंघन दर्ज थे और इसे तोड़ने यानी ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी किया गया था. इसके बावजूद तत्कालीन सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव ने कोई कदम नहीं उठाया.
जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर आंखें मूंदी गईं, जिससे क्लब बिना रोक-टोक के चलता रहा.
6 दिसंबर को अग्निकांड, 25 लोगों की मौत
गौरतलब है कि 6 दिसंबर को ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी. घटना के बाद से ही इस मामले में पुलिस की जांच तेज है.
अब पूर्व सरपंच के सरेंडर के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं. पुलिस हिरासत में लेकर रेडकर से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
दिव्येश सिंह