बांग्लादेश में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर वहां के कुछ संगठन भारत पर दोष मढ़ रहे हैं. बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा भी जोर पकड़ रहा है. आरोप लगाया जा रहा है कि भारत ने त्रिपुरा के बांध को खोल दिया, जिसके कारण बांग्लादेश के निचले हिस्सों में तबाही आई. इस मामले पर अब भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है और इन आरोपों को निराधार बताया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, 'हमने बांग्लादेश में व्यक्त की जा रही चिंताओं को देखा है, जिसमें कहा जा रहा है कि बांग्लादेश की पूर्वी सीमाओं के जिलों में बाढ़ त्रिपुरा में गोमती नदी के ऊपर डंबुर बांध के खुलने के कारण हुई है. लेकिन यह आरोप तथ्यात्मक रूप से निराधार हैं. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि भारत और बांग्लादेश से होकर बहने वाली गोमती नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में इस साल की सबसे भारी बारिश हुई है. जिसके कारण दोनों ओर समस्या हुई है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि डंबुर बांध सीमा से करीब 120 किमी दूर स्थित है. यह एक कम ऊंचाई (लगभग 30 मीटर) का बांध है जो बिजली उत्पन्न करता है. पूरे त्रिपुरा और बांग्लादेश के आसपास के जिलों में 21 अगस्त से भारी बारिश जारी है. जिसके चलते कई इलाकों में पानी भरा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम स्थिति की रिपोर्ट भी बांग्लादेश के साथ साझा कर रहे हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 21 अगस्त को भी बांग्लादेश को अलर्ट भेजा गया है. हालांकि, उसके बाद बिजली गुल होने के कारण रिपोर्ट भेजने में दिक्कत हुई है. फिर भी, हमने डेटा के तत्काल प्रसारण के लिए बनाए गए अन्य माध्यमों से संचार बनाए रखने का प्रयास किया है.
कहा- दोनों ओर बारिश से तबाही
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच बहने वाली नदियों में बाढ़ एक साझा समस्या है, जिससे दोनों तरफ के लोगों को परेशानी होती है और इसके समाधान के लिए आपसी सहयोग की जरूरत है. चूंकि दोनों देश करीब 54 नदियों को साझा करते हैं, इसलिए नदी जल सहयोग हमारे द्विपक्षीय जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
यह भी पढ़ें: भारत के खिलाफ भड़काने के लिए बांग्लादेश में कट्टरपंथी चला रहे 'बाढ़ बम' का प्रोपेगेंडा... सामने आया Video
बांग्लादेश में चल रहा भारत विरोधी प्रोपेगेंडा
दरअसल, बांग्लादेश में कई संगठनों ने आरोप लगाया कि भारत ने बिना किसी पूर्व सूचना के बांध के गेट खोल दिए, जिससे बांग्लादेश के बड़े हिस्से में पानी भर गया. सोशल मीडिया पर भी भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि भारत ने यह कदम बांग्लादेश में हाल ही में सत्ता परिवर्तन के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में उठाया है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पतन के बाद भारत ने इस बाढ़ को जानबूझकर पैदा किया है ताकि नई सरकार पर दबाव डाला जा सके.
भारत विरोधी प्रोपेगेंडा में संगठनों की भूमिका
जमात-ए-इस्लामी और छात्र शिविर जैसे संगठनों ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया है. इन संगठनों ने जनता के बीच यह संदेश फैलाया है कि भारत बांग्लादेश के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रहा है और यह बाढ़ उसी की साजिश का हिस्सा है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन संदेशों ने जनता के बीच गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है.
aajtak.in