सोनिया-राहुल को सोफा, खड़गे को कुर्सी... अमित मालवीय बोले- दलित हैं इसलिए....

कांग्रेस के शीर्ष नेता पार्टी के 84वें राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए अहमदाबाद में जुटे थे. अधिवेशन 8 अप्रैल को शुरू हुआ और 9 अप्रैल तक चला. कांग्रेस का यह दो दिवसीय अधिवेशन गुजरात में छह दशक से भी अधिक समय के बाद आयोजित किया गया.

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अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में प्रार्थना सभा के दौरान लकड़ी की कुर्सी पर बैठे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे. (PTI Photo) अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में प्रार्थना सभा के दौरान लकड़ी की कुर्सी पर बैठे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे. (PTI Photo)

aajtak.in

  • अहमदाबाद,
  • 09 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन चल रहा है. इस दौरान बुधवार को कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने साबरमती आश्रम पहुंचे. यहां कांग्रेस नेताओं के फोटो शूट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर बीजेपी ने ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर निशाना साधा है. 

वीडियो में देखा जा सकता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी सोफे पर बैठे हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए अलग से कुर्सी लगी है. सोनिया के दाहिनी ओर अंबिका सोनी बैठी हैं, जबकि खड़गे सोफे से अलग लगी एक कुर्सी पर अंबिका सोनी के बगल में बैठे हैं. इस वीडियो को X पर शेयर करते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बीच में क्यों नहीं बैठाया गया और उनकी कुर्सी एक किनारे क्यों लगाई गई.

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अमित मालवीय ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'अगर खड़गे जी के लिए अलग कुर्सी लगानी ही थी, तो उसे बीच में क्यों नहीं लगाया गया? वह पार्टी के अध्यक्ष हैं और बुजुर्ग भी हैं.' कांग्रेस के शीर्ष नेता पार्टी के 84वें राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए अहमदाबाद में जुटे थे. अधिवेशन 8 अप्रैल को शुरू हुआ और 9 अप्रैल तक चला. कांग्रेस का यह दो दिवसीय अधिवेशन गुजरात में छह दशक से भी अधिक समय के बाद आयोजित किया गया.

कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में बुधवार को उद्घाटन भाषण देते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेरोजगारी, चुनावी धोखाधड़ी और मौजूदा ट्रेड वॉर का भारत पर पड़ रहे असर सहित अन्य मुद्दों पर बात की. यह दावा करते हुए कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें विपक्षी दलों को हराने के लिए डिजाइन की गई हैं, खड़गे ने कहा, 'चुनावी धोखाधड़ी हो रही है. विकसित देश बैलट पेपर पर लौट आए हैं, जबकि हम अब भी ईवीएम का उपयोग कर रहे हैं.' 

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