केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी सालाना रिपोर्ट में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने की जरूरत पर जोर दिया है. इसे लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. ओवैसी ने कहा कि NPR, NRC की ओर पहला कदम है, जो किसी को भी आपकी नागरिकता पर आपत्ति करने की अनुमति देगा.
दरअसल, गृह मंत्रालय ने 7 नवंबर को प्रकाशित अपनी 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि जन्म, मृत्यु और प्रवास की वजह से होने वाले परिवर्तनों को शामिल करने के लिए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को फिर से अपडेट किया जाएगा. गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट पर असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी.
एनपीआर छोड़ें, जनगणना करें- ओवैसी
ओवैसी ने ट्वीट करके कहा कि एनपीआर एनआरसी की ओर पहला कदम है, जो किसी को भी आपकी नागरिकता पर आपत्ति करने की अनुमति देगा. यह वास्तविक भारतीयों को संदिग्ध नागरिक बना देगा. सरकार जनगणना नहीं कर रही, जो कानूनी रूप से अनिवार्य है, लेकिन एनपीआर (जो असंवैधानिक है) उसे करना चाहती है. उन्होंने आगे लिखा, एनपीआर छोड़ें, जनगणना करें.
खुद से अपडेट किया जा सकेगा एनपीआर- गृह मंत्रालय
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनपीआर नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बनाए गए नागरिकता नियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों के तहत तैयार किया गया है. गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा, 2015 में कुछ क्षेत्रों जैसे नाम, लिंग, जन्म तिथि और जन्म स्थान, निवास स्थान और पिता का और माता का नाम अपडेट किया गया और आधार, मोबाइल और राशन कार्ड नंबर एकत्र किए गए. MHA ने कहा कि एनपीआर को खुद से अपडेट किया जा सकता है, क्योंकि वेब पोर्टल पर कुछ प्रमाणीकरण प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद निवासियों को अपने डेटा फील्ड को अपडेट करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है.
जितेंद्र बहादुर सिंह / अब्दुल बशीर