छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध ने बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपी की पहचान 55 साल के अंसारी के रूप में हुई है, जिसने पड़ोस में रहने वाली एक मासूम के साथ कई दिनों तक हैवानियत की.
सिविल लाइंस थाना पुलिस के मुताबिक, यह घटना 12 जनवरी को सामने आई, जब बच्ची को उसकी चाची नहला रही थीं और उसने अपने प्राइवेट पार्ट्स में तेज दर्द की शिकायत की. बच्ची की हालत और परेशानी देखकर परिवार वाले घबरा गए और उन्होंने उससे धीरे-धीरे पूछा, जिसके बाद उसने बताया कि पिछले कई दिनों से उसके साथ क्या हुआ था.
पुलिस थाने में दर्ज बयान के अनुसार, आरोपी, जिसकी पहचान अंसारी के रूप में हुई है. दरिंदा नाबालिग को पास की दुकान से चॉकलेट और दूसरी चीजें दिलाने के बहाने अपने घर ले गया था.
दर्द ने बयां की दास्तां
आरोप है कि आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच बच्ची के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया. बताया जाता है कि बच्ची डर के मारे चुप रही, क्योंकि आरोपी ने कथित तौर पर उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा. यह मामला तभी सामने आया जब शारीरिक दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया.
परिवार तुरंत सिविल लाइंस पुलिस के पास पहुंचा, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया.
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है और आरोपी को कानून की उचित प्रक्रिया के अनुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा. एहतियात के तौर पर, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है.
जन आक्रोश और बजरंग दल की मांग
इस मामले से लोगों में भारी गुस्सा है. बजरंग दल के सदस्य, पीड़ित परिवार के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की. बजरंग दल के सदस्यों ने कहा, "नाबालिग को न्याय दिलाने के लिए जल्द से जल्द और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए."
यह घटना एक बार फिर बच्चों की लगातार असुरक्षा को उजागर करती है और बाल सुरक्षा और सामुदायिक सतर्कता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करती है.
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के डेटा ट्रेंड के अनुसार, रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के मामले गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं.
स्थानीय पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से संभाला जा रहा है और जांच के नतीजों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुमी राजाप्पन