महाराष्ट्र के भिवंडी निजामपुर सिटी नगर निगम (बीएनसीएमसी) के 18 पूर्व कांग्रेस पार्षदों को 2019 में अपनी पार्टी के आधिकारिक मेयर पद के उम्मीदवार के खिलाफ मतदान करने के लिए अगले 6 वर्षों के लिए कोई भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता वाले शहरी विकास विभाग ने सोमवार को जारी एक आदेश में कहा कि पूर्व नगरसेवकों ने कांग्रेस द्वारा जारी व्हिप का उल्लंघन किया है.
2019 में चुनाव हार गई थीं ऋषिका राका
90 सदस्यीय बीएनसीएमसी सदन में कांग्रेस के 47 नगरसेवक होने के बावजूद, पार्टी के 18 नगरसेवकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग के कारण उसकी मेयर पद की उम्मीदवार ऋषिका राका दिसंबर 2019 में चुनाव हार गईं. कोंकण विकास अघाड़ी की प्रतिभा पाटिल को 20 भाजपा नगरसेवकों, 18 कांग्रेस नगरसेवकों और छोटे सहयोगियों के सात सदस्यों का समर्थन मिला और उन्होंने 49 वोटों के साथ मेयर का पद सुरक्षित कर लिया. प्रतिभा पाटिल के सदन में केवल 4 सदस्य थे.
क्रॉस वोटिंग करने वालों को अयोग्य घोषित करने की हुई थी मांग
राका की हार के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं को कोंकण संभागीय आयुक्त के पास एक याचिका दायर की थी, जिसमें क्रॉस वोटिंग करने वालों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई. हालांकि, इसे अस्वीकार कर दिया गया था. इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने फैसले को शहरी विकास विभाग में चुनौती दी, जिसने सोमवार को एक आदेश जारी कर पूर्व पार्षदों को अगले छह साल के लिए कोई भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया.
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