मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में अदालत का फैसला आ गया है. इस निर्णय से मारे गए लोगों के परिजन नाखुश हैं. उनका कहना है कि यह फैसला उनके हक में नहीं है और वे इसे नहीं मानते। परिजनों ने कहा कि वे इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका आरोप है कि सारे सबूतों को हटाकर यह फैसला किया गया है। मालेगांव के लोगों ने हेमंत करकरे के नाम पर एक चौक का नाम रखा है, जिन्होंने आरोपियों को पकड़ा था। इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा गया कि 'हिंदू आतंकवाद' का गढ़ा गया नैरेटिव गलत था। गृह मंत्री ने कहा कि भारत में हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकता। यह फैसला कर्नल पुरोहित और साध्वी जी सहित अन्य लोगों के लिए न्याय है।