मालेगांव बम धमाके केस में 18 साल बाद एक बड़ा फैसला आया है. एनआईए कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. इनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित जैसे नाम शामिल हैं. कोर्ट ने साफ किया कि भगवा आतंकवाद की थ्योरी एक फेक नैरेटिव थी. अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि बम विस्फोट में इस्तेमाल मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा की थी, ना ही यह कि लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने आरडीएक्स जुटाया या बम बनाया था.