महाराष्ट्र में हिंदी को अनिवार्य करने के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आ गए हैं. दोनों दल अब 5 जुलाई को एक साथ रैली करेंगे. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसमें पहले और दूसरे मानक में केवल मौखिक समझ होगी, लिखित नहीं.