महाराष्ट्र के बीड जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर तेंदुए ने हमला किया, लेकिन गले में बंधे मोटे शॉल की वजह से उसकी जान बच गई. यह घटना बुधवार दोपहर शिरूर कासर तहसील की है. तेंदुए के दांत महिला की गर्दन तक पहुंचने से पहले ही शॉल में फंस गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
घायल महिला की पहचान 45 वर्षीय मंकरणा शिवराम नेटके के रूप में हुई है, जो शिरूर कासर तहसील के कोलवाड़ी गांव की रहने वाली हैं. जानकारी के अनुसार, मंकरणा बुधवार को रुप्पुर शिवर क्षेत्र में अपने खेत में काम करने गई थीं. स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय पास के पहाड़ी इलाके से तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी थी, लेकिन खेतों में काम कर रहे लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
जब मंकरणा खेत में काम कर रही थीं, तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर एक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया. उसने उनकी गर्दन पर झपट्टा मारा, लेकिन उस वक्त उनके गले में मोटा शॉल बंधा हुआ था. तेंदुए के जबड़े शॉल में ही उलझ गए और वह गर्दन तक अपने दांत नहीं गड़ा सका.
महिला की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर दौड़ पड़े. लोगों को आता देख तेंदुआ वहां से भाग गया. हमले में महिला को तेंदुए के पंजों से कुछ चोटें आईं, लेकिन उनकी हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है. घटना के बाद घायल महिला को पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. एहतियात के तौर पर बाद में उन्हें बीड जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर है.
घटना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है. रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर अमोल घोड़के ने बताया कि इलाके में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे. यदि खतरा बना रहता है तो वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पिंजरा भी लगाया जाएगा. वन विभाग ने पीड़ित महिला के परिवार को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया है. इस घटना के बाद इलाके के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग खेतों में काम करने से पहले अतिरिक्त सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं.
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