सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का फॉर्मूला- 14-14 मंत्री, दो डिप्टी सीएम

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के बीच माथापच्ची जारी है.शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस ने एक फॉर्मूला तैयार किया है.

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सोनिया गांधी के साथ शरद पवार (फाइल फोटो) सोनिया गांधी के साथ शरद पवार (फाइल फोटो)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 11 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

  • महाराष्ट्र के बड़े नेताओं के साथ बैठक करेंगी सोनिया
  • सत्ता के बंटवारे को लेकर असमंजस, तैयार किया फॉर्मूला

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस के बीच माथापच्ची जारी है. फिलहाल कांग्रेस उलझन में है. इसी उलझन को दूर करने के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के नेताओं की अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में शिवसेना के साथ गठबंधन की एवज में अपने फॉर्मूले पर कांग्रेस विचार कर सकती है.

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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के सामने सबसे ज्यादा असमंजस की स्थिति है. अगर गठबंधन होता है तो वह सबसे छोटी पार्टी होगी. ऐसे में वह अपने बड़े नेताओं को कैसे मैनेज कर पाएगी. इसके लिए कांग्रेस ने एक फॉर्मूला तैयार किया है. इस फॉर्मूले के तहते सभी को बराबर मंत्री पद मिले. यानी सभी पार्टी के 14 मंत्री हों.

दो डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर भी विचार

हालांकि, कांग्रेस उत्तर प्रदेश के फॉर्मूले पर भी विचार कर रही है. मुख्यमंत्री का पद शिवसेना के कोटे में जाएगा तो दो डिप्टी सीएम बनेंगे. एक कांग्रेस का और एक एनसीपी का. हालांकि, माना जा रहा है कि कांग्रेस डिप्टी सीएम की जगह स्पीकर पद भी दावा ठोंक सकती है. कांग्रेस का मानना है कि उसे सत्ता में कम हिस्सेदारी न मिले, इसलिए फैसला नाप-तौल कर लिया जाएगा.

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उद्धव ठाकरे से मिले शरद पवार

कांग्रेस की असमंजस के बीच एनसीपी चीफ शरद पवार ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. इस दौरान एनसीपी नेता अजित पवार और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे व संजय राउत भी मौजूद रहे. माना जा रहा है कि एनसीपी और शिवसेना के बीच सत्ता के बंटवारे पर चर्चा हुई. हालांकि, अभी दोनों पार्टियों को कांग्रेस के रुख का इंतजार है.

शिवसेना कोटे के मंत्री ने दिया इस्तीफा

शिवसेना ने एनसीपी की शर्त को मानते हुए केंद्र से अपना समर्थन वापस ले लिया है. शिवसेना कोटे से मोदी कैबिनेट में भारी उद्योग मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में सावंत ने बीजेपी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. एनडीए से शिवसेना के बाहर होने पर सावंत ने कहा कि मेरे त्यागपत्र का मतलब समझ सकते हैं.

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