महाराष्ट्र: ASG देवांग व्यास ने 12 साल बाद दिया इस्तीफा, अब वकील के तौर पर करेंगे काम

देवांग व्यास गुजरात हाईकोर्ट के एएसजी के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे और उन्होंने जुलाई 2023 में छह महीने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में एएसजी का पदभार संभाला था. विधिक मामलों के विभाग के आदेश में कहा गया था कि व्यास का कार्यभार बॉम्बे हाईकोर्ट के लिए नियमित एएसजी की नियुक्ति तक रहेगा.

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देवांग व्यास ने महाराष्ट्र और गुजरात के ASG पद से इस्तीफा दिया (File Photo) देवांग व्यास ने महाराष्ट्र और गुजरात के ASG पद से इस्तीफा दिया (File Photo)

विद्या

  • मुंबई,
  • 22 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

महाराष्ट्र और गुजरात के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) देवांग गिरीश व्यास ने अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने मंगलवार को कानून मंत्री को अपना इस्तीफा भेजा. पद से इस्तीफा दोनों राज्यों के लिए है. आजतक से बात करते हुए व्यास ने कहा कि 12 साल तक एएसजी के पद पर काम करने के बाद वह संतुष्ट व्यक्ति के रूप में काम छोड़ रहे हैं और एक वकील के रूप में काम करना जारी रखना चाहते हैं. 

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व्यास ने कहा, "मुझे बार और बेंच दोनों से बहुत स्नेह और सम्मान मिला. मैं बहुत संतुष्ट व्यक्ति के रूप में काम छोड़ रहा हूं. मैं सिर्फ पद छोड़ रहा हूं, लेकिन मैं काम करना जारी रखूंगा."

बता दें कि व्यास गुजरात हाईकोर्ट के एएसजी के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे और उन्होंने जुलाई 2023 में छह महीने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में एएसजी का पदभार संभाला था. विधिक मामलों के विभाग के आदेश में कहा गया था कि व्यास का कार्यभार बॉम्बे हाईकोर्ट के लिए नियमित एएसजी की नियुक्ति तक रहेगा.

हालांकि, यह अवधि बढ़ती रही, जबकि व्यास ने अपना समय महाराष्ट्र और गुजरात की विभिन्न पीठों के बीच विभाजित किया. व्यास को जनवरी 2022 में गुजरात हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता का पद प्रदान किया गया था.

व्यास ने अनिल सिंह से एएसजी का पदभार संभाला था, जो नौ साल तक एएसजी रहे थे और महाराष्ट्र सरकार के महा विकास अघाड़ी काल के दौरान बॉम्बे उच्च न्यायालय में संघ का प्रतिनिधित्व किया था. व्यास ने एल्गर परिषद मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का प्रतिनिधित्व किया था.

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ऐसे कई मौके आए जब बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने उनकी सहायता के लिए अनुरोध किया, जैसे कि भीड़भाड़ वाली मुंबई लोकल ट्रेनों के मामले में, जिसमें भीड़भाड़ के कारण कई मौतें हुई हैं.

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