मुंबई: डकैती और हत्याकांड में बड़ा खुलासा, वारदात को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने 4 महीने की थी रेकी

मुंबई में डकैती और महिला की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड और उसके साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने आरोपी के पास से एक किलो 818 ग्राम सोने के जेवरात भी बरामद किए हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 20 टीमें लगातार काम कर रही थीं.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई,
  • 17 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

मुंबई में डकैती और महिला की हत्या के मास्टरमाइंड और उसके दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने बीते शनिवार की सुबह दंपती को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया था. आरोपियों ने आठ महीने पहले पूरी जानकारी जुटा ली थी. फिर चार महीने की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया था. 

मामला मुंबई के ताड़देव इलाके का है. यहां 12 अगस्त की सुबह 6:30 बजे यूसुफ मंजिल इमारत के एक फ्लैट में तीन डकैतों ने सुरेखा अग्रवाल (70) और उसके पति मदन मोहन अग्रवाल (75) को बंधक बनाया. फिर पति-पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर टेप चिपकाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था. यहां से लुटेरे सोने के गहने और अन्य कीमती सामान ले गए थे. 
 
आरोपियों को पकड़ने के लिए बनाई गई थीं 20 टीम

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लुटेरों के जाने के बाद मोहन किसी तरह फ्लैट के दरवाजे तक पहुंचा और अलार्म का बटन दबाया. जिसे सुनकर हाउसिंग सोसायटी के लोग मदद के लिए पहुंचे. उन्होंने देखा कि महिला बेहोशी की हालत में थी. लोगों ने पुलिस को जानकारी दी.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पति-पत्नी को इलाज के लिए नायर अस्पताल में भर्ती कराया. यहां डॉक्टरों ने सुरेखा को मृत घोषित कर दिया. फिर पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की. इसके लिए 20 टीमों का गठन किया. 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया.

आरोपी से एक किलो 818 ग्राम सोने के जेवरात बरामद

डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह उर्फ संजू राजस्थान के झालावाड़ का रहने वाला है. उसे पुलिस ने राजस्थान के खानपुर इलाके से गिरफ्तार किया. उसके पास से एक बैग बरामद किया. उसमें एक किलो 818 ग्राम सोने के जेवरात मिले. इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है.

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ज्वेलर्स शॉप पर काम करने वाले युवक ने दी थी जानकारी

पुलिस ने जब सुरेंद्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि झालावाड़ का ही रहने वाला राजू उर्फ राजाराम मेघवाल, बहादुर सिंह और दिल्ली निवासी सुमित उसके साथ वारदात में शामिल थे. उन्होंने चार महीने लगतार रेकी की थी. दंपती के पास काफी जेवरात है, इसकी जानकारी आठ महीने पहले ही ज्वेलर्स शॉप पर काम कर रहे सुमित ने दी थी. उन सभी के बीच डील हुई थी कि 50 प्रतिशत लूट का माल सुमित लेगा.

पुलिस से बचने के लिए कई जगह ली शरण

जांच और पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल तोड़ दिए थे. इसके बाद सभी पहले मुंबई से पुणे की तरफ भागे. फिर तीनों पुणे से रतलाम और फिर भवानीमंडी पहुंचे. इसके बाद 14 अगस्त को झालावाड़ पहुंचे थे. 

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