महाराष्ट्र के जलगांव जिले के अमलनेर में 9 जून (शुक्रवार) की रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद पथराव की घटना हुई थी. 10 जून को इस मामले ने बड़ा रूप ले लिया और कई जगह से हिंसक झड़प की खबरें आईं. इसके बाद पुलिस-प्रशासन को अमलनेर में कर्फ्यू लगाना पड़ा था. अमलनेर शहर में कर्फ्यू के बाद हालात अब सामान्य बताए जा रहे हैं.
पुलिस ने अमलनेर में हिंसक झड़प की घटनाओं को लेकर केस दर्ज कर तहकीकात भी शुरू कर दी है. बताया जाता है कि शनिवार की रात से अब तक अमलनेर में झड़प की कोई घटना नहीं हुई है. अमलनेर शहर में हालात शांतिपूर्ण हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमलनेर में हिंसक झड़पों के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस ने सौ से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस ने 31 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. हिंसक झड़प की घटनाओं में आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. गौरतलब है कि 9 जून की देर रात करीब 11 बजे मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई थी और दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे.
9 जून को दो पक्षों में हुई थी मारपीट
9 जून की रात दो पक्षों में मारपीट और पथराव की घटना के कारण 10 जून को कई इलाकों में भारी तनाव नजर आया. संवेदनशील सुभाष चौक समेत कई इलाकों से ठेले पलटे जाने, पथराव की खबरें आईं. हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने शांति-व्यवस्था बहाल करने के लिए अमलनेर में 48 घंटे के लिए कर्फ्यू लगा दिया था.
खिलौने को लेकर हुआ था विवाद
अमलनेर में मामूली विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी. बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत बच्चों के खिलौनों को लेकर हुई थी. बच्चों के खिलौनों को लेकर हुए विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि कर्फ्यू लगाना पड़ा. अमलनेर शहर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मी लगातार पैट्रोलिंग कर रहे हैं.
(मनीष जोग की रिपोर्ट)
aajtak.in