झारखंड में सत्ता परिवर्तन के बाद हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने के बाद बन्ना गुप्ता रविवार को पहली बार जमशेदपुर पहुंचे. अपने नेता के मंत्री बनने के बाद प्रथम आगमन पर कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों का जोश उफान पर था. मानगो चौक पर गुप्ता के स्वागत को उमड़ी भीड़ के कारण पुल पर लंबा जाम लग गया. इस जाम में पांच एंबुलेंस भी फंसी रहीं.
एंबुलेंस चालक और मरीज के परिजन गुप्ता के समर्थकों से रास्ता देने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी. समय गुजरता गया और वे मिन्नतें करते रहे. अंत में एक मरीज ने वहीं दम तोड़ दिया. मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजन बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं से भिड़ गए. हालांकि मंत्री गुप्ता ने इस तरह की घटना से इनकार किया है, लेकिन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को लेकर हेमंत सरकार पर हमला बोल दिया है.
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भाजपा ने मरीज की मौत के लिए स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है. भाजपा ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे. जांच कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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बताया जाता है कि जाम में फंसकर जिंदगी की जंग हारने वाला मरीज तापस सरायकेला का निवासी था. उसे एमजीएम से गंगा मेमोरियल अस्पताल ले जाया जा रहा था. हालांकि चालक राशिद ने भी पहले इसकी पुष्टि की, लेकिन रात में मंत्री गुप्ता जब उसे मीडिया के सामने लाए, तब वह अपने बयान से पलट गया. उसने मंत्री के सामने कहा कि वह डेड बॉडी लेकर जा रहा था.
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