झारखंड की हेमंत सरकार ने शपथ ग्रहण के एक महीने बाद अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राजभवन भेजी गई सूची को राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने भी स्वीकार कर लिया है. इस तरह हेमंत सोरेन कैबिनेट में शामिल सभी 11 मंत्रियों के बीच विभागों की जिम्मेदारी बांट दी गयी है.
जेएमएम से 5 और कांग्रेस से 4 मंत्री
राजभवन से जारी लिस्ट के मुताबिक जेएमएम के पास गृह, वन, नगर विकास, पथ निर्माण, भवन निर्माण, खनन, शिक्षा और कार्मिक विभाग हैं. वहीं कांग्रेस के पास ग्रामीण विकास, कृषि, सहकारिता, पशुपालन, स्वास्थ्य, वित्त और खाद्य आपूर्ति जैसे विभाग आए हैं. आपको बता दें कि हेमंत सोरेन कैबिनेट में 5 मंत्री जेएमएम कोटे से हैं. इसके अलावा कांग्रेस के 4 और आरजेडी के 1 विधायक को मंत्री पद मिला है.
यह भी पढ़ें: यूं हुआ सोरेन सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार
आरजेडी का एक ही विधायक, बना मंत्री
हेमंत कैबिनेट में गौर करने वाली एक बात और है. झारखंड विधानसभा चुनावों में आरजेडी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी और उस विधायक को मंत्री पद भी मिल गया है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव पूर्व जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी ने गठबंधन किया था. चुनावों में जेएमएम के 30 और कांग्रेस के 16 विधायकों को जीत मिली थी ऐसे में उनमें से सिर्फ कुछ एक लोगों को ही मंत्री बना पाने की बाध्यता के चलते दोनों दलों को भारी मशक्कत करनी पड़ी.
इन विधायकों को मिली मंत्रालय की जिम्मेदारी
राज्यपाल द्वारा मंजूर की गई लिस्ट के मुताबिक आलमगीर आलम को ग्रामीण विकास मंत्रालय दिया गया है. रामेश्वर उरांव को वित्त और खाद्य आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है. सत्यान्नद भोक्ता के पास श्रम विभाग है जबकि चम्पाई सोरेन को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ वर्ग कल्याण विभाग और परिवहन का जिम्मा दिया गया है.
यह भी पढ़ें: झारखंड में सोरेन सरकार को लगा झटका
इसके अलावा मिथिलेश ठाकुर को पेयजल स्वच्छता, जगरनाथ महतो को शिक्षा, जोबा मांझी को महिला एवं बाल विकास, हाजी हुसैन अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण, बादल को कृषि एवं पशुपालन व सहकारिता और बन्ना गुप्ता को स्वास्थ्य विभाग संभालने की जिम्मेदारी दी गई है.
सत्यजीत कुमार