कैंसर पीड़ित टाटा स्टील के मैनेजर ने पत्नी और 2 नाबालिग बेटियों के साथ लगाई फांसी, कमरे में फंदे से लटका मिला चारों का शव

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से हृदय विदारक मामला सामने आया है. यहां कैंसर पीड़ित टाटा स्टील के अधिकारी ने पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के साथ फांसी लगाकर जान दे दी.

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कैंसर पीड़ित टाटा स्टील के अफसर ने पत्नी और 2 नाबालिग बेटियों के साथ लगाई फांसी कैंसर पीड़ित टाटा स्टील के अफसर ने पत्नी और 2 नाबालिग बेटियों के साथ लगाई फांसी

aajtak.in

  • सरायकेला-खरसावां,
  • 24 मई 2025,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया के चित्रगुप्त नगर में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव फंदे से लटके पाए गए. मृतकों में टाटा स्टील गम्हरिया के सीनियर ऑफिसर कृष्ण कुमार (45), उनकी पत्नी डॉली देवी (38) और दो बेटियां पूजा (13) व मईया (7) शामिल हैं. स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूरा परिवार दो दिनों से घर से बाहर नहीं निकला था. 

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घर से जब दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों को शक हुआ.  जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलने पर आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया. अंदर का मंजर देख पुलिस भी सन्न रह गई. क्योंकि परिवार के चारों सदस्य फंदे से लटके थे. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कृष्ण कुमार कैंसर से पीड़ित थे, जिससे पूरा परिवार डिप्रेशन में था.

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घटना की गंभीरता को देखते हुए गम्हरिया के बीडीओ अभय द्विवेदी व सीओ अरविंद वेदिया भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. आदित्यपुर थाना प्रभारी ने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और घटना की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है. हालांकि प्रारंभिक साक्ष्य आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं. लेकिन पुलिस अन्य एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

(इनपुट- मनीष कुमार लाल दास)

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