जम्मू-कश्मीर के शोपियां से पिछले तीन महीने से भारतीय सेना का एक जवान लापता है. 24 साल के शाकीर मंजूर 2 अगस्त से गायब हैं. वो अपने परिवार के साथ ईद मनाने के लिए निकले थे. बाद में उनकी कार कुलगाम जिले में जली हुई हालत में मिली. जवान का परिवार तब से उनकी तलाश कर रहा है.
लापता जवान के पिता मंजूर अहमद ने कहा कि तीन महीने से ज्यादा का समय हो गया, हम मदद के लिए कहां नहीं पहुंचे. हर स्तर के अधिकारियों से बात की. कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा है. हमें तो ये भी नहीं पता कि वो जिंदा है या नहीं.
मंजूर अहमद कहते हैं कि अगर उसकी मौत हो गई है तो उसका शव कहां है. कम से कम वो तो हमें मिल जाए. हमें पुलिस से अब तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली. हम सबसे अपील करते हैं कि हमारी मदद की जाए.
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उधर, परिवार का कहना है कि उसके खून से सने कपड़े घर के पास एक बाग में पड़े थे. पुलिस ने दावा किया था कि आतंकवादियों ने जवान का अपहरण कर लिया है. मंजूर अहमद ने कहा कि हम हर तरफ देख चुके हैं.
शाकिर सेना के पहले ऐसे जवान नहीं हैं जिन्हें इस तरह से निशाना बनाया गया है. आतंकवादियों ने पहले भी घाटी के विभिन्न हिस्सों में कई ऐसे जवानों का अपहरण करने के बाद हत्या की है.
6 अप्रैल 2019 को आतंकवादियों ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सेना के एक जवान की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बंदूकधारियों ने मोहम्मद रफीक याटू को वारपोरा स्थित उनके घर पर गोली मारी. एक अन्य घटना में राइफलमैन औरंगजेब को 2018 में अगवा कर लिया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी.
शुजा उल हक