लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने हिमाचल प्रदेश को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है. राज्य के पर्यटन उद्योग को भी भारी झटका लगा है. बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल की अपनी यात्राएं और होटल बुकिंग को कैंसिल कर रहे हैं. शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में होटल ऑक्यूपेंसी में तकरीबन 10 प्रतिशत की गिरावट आई है. राज्य में होटल बुकिंग अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर है.
पहाड़ पर जाने से बच रहे हैं घरेलू पर्यटक
मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने इंडिया टुडे को बताया कि मनाली में होटल की ऑक्यूपेंसी सिर्फ दो प्रतिशत है. इस वक्त केवल हमें विदेशी पर्यटक मिल रहे हैं, वह भी जो लेह से वापस लौट रहे हैं. घरेलू पर्यटक पहाड़ों पर जाने से बच रहे हैं.
टूर आयोजक से नाराज पर्यटक
हिमाचल प्रदेश के मंडी में फंसे श्रीलंका के एक पर्यटक समूह के सदस्यों ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान टूर आयोजकों की शिकायत की. उन्होंने बताया कि टूर आयोजकों ने उन्हें खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के बारे में अंधेरे में रखा. अगर हमे पहले इस बारे में सतर्क कर दिया होता तो हम इस यात्रा की प्लानिंग ही नहीं करते. हमारा अनुभव बुरा रहा. खराब मौसम के चलते हमारी छुट्टियां खराब हो गई हैं.
कोलंबो के एक पर्यटक फालिंगा ने बताया कि वे रोहतांग दर्रा में बर्फ देखना चाहते थे.अब मौसम के चलते यात्रा रद्द करनी पड़ रही है. छुट्टियाों के साथ-साथ उनका समय और पैसा भी बर्बाद हुआ. हमारे पास वापस जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. कोलंबो से शालिनी, सेलीन जयसूर्या और अन्य लोग भी मनाली की अपनी पहली यात्रा पर थे जो कि बर्बाद हो गई.
प्रशासन ने गैर जरूरी यात्राओं से बचने की दी सलाह
क्षतिग्रस्त सड़कों और बारिश संबंधी घटनाओं ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को हिमाचल की अपनी यात्राएं रद्द करने के लिए मजबूर कर दिया है. इस बीच स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है फिलहाल, गैर-आवश्यक यात्रा से बचें. इससे पहले जुलाई में हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुल्लू मनाली, लाहौल और स्पीति और किन्नौर जिलों से लगभग 70,000 फंसे हुए पर्यटकों को बचाया था.
हिमाचल को अब तक 6,807 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में 24 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से 12 अगस्त तक, पहाड़ी राज्य को 6,807 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 255 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल, राज्य में एक बार फिर बारिश से तबाही का दौर शुरू हो चुका है. कई जगह से भूस्खलन के चलते सड़कों के भी बंद होने की खबर है.
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