सोनीपत के गांव में लोगों ने पंच और सरपंच के चुनाव का बहिष्कार किया है. कोई भी ग्रामीण पंच और सरपंच का चुनाव नहीं लड़ेगा. मामला जुआ गांव का है. सोनीपत के गांव जुआ में दो पंचायतें हैं. इनमें एक जुआ-1 और दूसरा जुआ-2 है.
दरअसल, गांव जुआ-1 के ग्रामीण पिछले 12 दिनों से सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि उनके खेतों से पानी निकासी का स्थाई समाधान किया जाए. उनके खेतों में बेमौसम बरसात का पानी भरा रहता है. मगर, प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं.
आज ग्रामीणों ने सोनीपत लघु सचिवालय से बीडीपीओ कार्यालय तक बीडीपीओ सोनीपत की शव यात्रा निकाली. उनके कार्यालय पहुंचकर पुतला दहन किया. इसके बाद ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक कोई स्थाई समाधान नहीं होता, वह इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे.
बीडीपीओ अधिकारियों को कर रहे हैं गुमराह
वहीं, प्रदर्शन में शामिल हुए किसानों का कहना, "सोनीपत के बीडीपीओ अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं. इसी कारण कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा है. इसी कारण ग्रामीणों ने बड़ा ऐलान किया है. इस समय पंचायती चुनाव होने वाले हैं. इसका पूरी तरह बहिष्कार करते हैं."
उन्होंने बताया, "गांव में 5 सरपंच और 10 से ज्यादा पंच के उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. कोई समाधान न होने के कारण सभी ने अपने नामांकन वापस ले लिया है. अब गांव का कोई भी ग्रामीण सरपंच और पंच का चुनाव नहीं लड़ेगा.
इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया गया. मगर, सोनीपत बीडीपीओ अपने कार्यालय में ही नहीं थे. सोनीपत एसडीएम ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके कार्य क्षेत्र के बाहर का मामला है. इसी के साथ-साथ सोनीपत डीसी ने कहा कि वह ग्रामीणों से लगातार बात कर रहे हैं.
पवन राठी