मकर संक्रांति का त्योहार, जो खुशियों और रंग-बिरंगी पतंगों के लिए जाना जाता है वो सूरत के एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया. सूरत में पतंग की जानलेवा डोर (मांझा) ने एक 8 साल के मासूम की जान ले ली. साइकिल चलाते हुए खेल रहे बच्चे के गले में अचानक पतंग की धारदार डोर फंस गई और कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गई. पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसने हर देखने वाले को झकझोर कर रख दिया है.
यह दर्दनाक हादसा गुजरात के सूरत शहर के जहांगीरपुरा इलाके स्थित ‘आनंद विला’ अपार्टमेंट के कंपाउंड में हुआ. जानकारी के अनुसार, दो बच्चे अपनी रिहायशी बिल्डिंग के सुरक्षित परिसर में साइकिल चला रहे थे. इसी दौरान आसमान से गिरती हुई पतंग की डोर अचानक एक बच्चे के गले में फंस गई.
डोर इतनी धारदार और खतरनाक थी कि उसने पल भर में बच्चे के गले को गहरे जख्म दे दिए. घटना के दौरान बच्चा साइकिल चलाते-चलाते अचानक लड़खड़ाया और कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा.
डोर से गला कटने के कारण अत्यधिक खून बह गया और बच्चे को बचाया नहीं जा सका. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. यह सब देखकर दूसरा बच्चा घबरा गया और डर के मारे वहां से भाग गया. CCTV फुटेज सामने आने के बाद यह घटना और भी ज्यादा विचलित कर देने वाली बन गई.
हर साल मकर संक्रांति से पहले प्रशासन लोगों से अपील करता है कि नायलॉन या प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल न करें. इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. यह हादसा इस बात का प्रमाण है कि पतंग की डोर सिर्फ सड़कों पर ही नहीं. बल्कि रिहायशी सोसायटियों और सुरक्षित माने जाने वाले परिसरों में भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
संजय सिंह राठौर