दिल्ली सरकार ने 2015 में फीड बैक यूनिट का गठन किया था. तब इसने 20 अधिकारियों के साथ काम करना शुरू किया था. आरोप है कि FBU ने फरवरी 2016 से सितंबर 2016 तक राजनीतिक विरोधियों की जासूसी की.