दिल्ली: बाजारों से अब हटेंगे चीन के कपड़े, जानें क्या कह रहे व्यापारी

गलवान में भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच देशभर में चीन का विरोध बढ़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अब वे चीन से आए कपड़ों का बहिष्कार करेंगे. दिल्ली के गांधी नगर मार्केट में चीन से आए फैंसी ड्रेस अब नहीं दिखेंगे.

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चीनी उत्पादों के खिलाफ देशभर में चल रहा अभियान (तस्वीर-आज तक) चीनी उत्पादों के खिलाफ देशभर में चल रहा अभियान (तस्वीर-आज तक)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

  • चीनी उत्पादों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन
  • दिल्ली के बाजारों में चीनी कपड़ों का बहिष्कार
भारतीय सैनिकों पर किए गए हमले को लेकर देशभर में चीन का विरोध बढ़ता जा रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अब वो चाइना के कपड़े तक उतारेंगे. दिल्ली का गांधी नगर बाजार दूल्हे की शेरवानी और फैंसी कपड़ों के लिए जाना जाता है.

क्या आपको पता है कि फैंसी ड्रेस में जिन कपड़ों का इस्तेमाल होता है, वे चीन से आते हैं. यही नहीं फैंसी ड्रेस में लगने वाली एक्सेसरीज भी चीन से मंगाई जाती है. चीन की हरकतों से नाराज व्यापारियों का कहना है कि अब वे चीन के कपड़े नहीं बेचेंगे. सरकार को भी चीनी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए, जिससे चीन को मात दिया जा सके.

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गांधी नगर के कारोबारी नरेश सिक्का का कहना है कि इस बाजार में देश के अलग-अलग राज्यों के कारोबारी इस बाजार में आते हैं. अब जैसे ही वे कारोबारी मार्केट में आते हैं, यह पूछ रहे हैं कि किसी भी ड्रेस में चीन का कोई प्रोडक्ट तो नहीं है.

अगर चीन का प्रोडक्स होता है तो उस प्रोडक्ट से दूरी बना रहे हैं. ऐसे में अब बड़े-बड़े उप्तादक भी चीनी प्रोडक्ट वाले ड्रेसों के बनाने से परहेज कर रहे हैं.

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हर जगह फैला है चीन का कारोबार

गांधी नगर में गारमेंट का काम करने वाले विकास जैन का कहना है कि चीन सिर्फ देश के इलेक्ट्रॉनिक गुड्स में ही नहीं बल्कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में भी बड़े स्तर पर पैर पसारे हुए है. शर्ट में लगने वाली बटन से लेकर पैंट की जिप भी चीन से आती है. यही नहीं जिस फैक्ट्री में ये कपड़े बनते हैं उन फैक्ट्री में लगने वाली मशीनें भी चीन की हैं, जिसे अब बंद किए जाने की तैयारी है.

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भारत की भावना से जुड़ा है विवाद

गांधीनगर मार्केट के अध्यक्ष केके बल्ली की मानें तो यह विवाद हिंदुस्तान की भावना से जुड़ा है. अगर चीन को सबक सिखाना है तो उसके लिए चीन से बेहतर क्वालिटी के उत्पाद हिंदुस्तान में बनाने होंगे. सरकार को भी हमारी फैक्ट्रियों को चलाने और उनमें बेहतर मशीनरी को लाने की दिशा में मदद करनी चाहिए, जिससे चीन को मात दी जा सके.

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