दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को तुर्कमान गेट हिंसा के सिलसिले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया है. अब इस मामले में कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. पुलिस ने 'मस्जिद ढहाने' की झूठी अफवाह फैलाने वाले करीब 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की पहचान की है. अधिकारियों ने भ्रामक ऑडियो मैसेज फैलाने वाले कई व्हाट्सएप ग्रुपों को निगरानी में रखा है.
पुलिस समाजवादी पार्टी के नेता मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है, जो घटनास्थल पर मौजूद थे.
एमसीडी की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान पथराव और हिंसा के बाद सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम तैनात की गई है. शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है.
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई...
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) निधिन वलसन के मुताबिक, ताजा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अफ़ान, आदिल, शाहनवाज़, हमज़ा, अतहर और उबैद के रूप में हुई है. ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के निवासी हैं. दिल्ली की एक अदालत ने पहले गिरफ्तार किए गए 11 में से पांच आरोपियों को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
पुलिस के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ है कि व्हाट्सएप पर समुदाय और धार्मिक समूहों में यह झूठ फैलाया गया कि मस्जिद ढहाई जा रही है. इस वजह से 200 से ज्यादा लोग मौके पर जमा हो गए. पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने 10 इंफ्लुएंसर्स की पहचान की है और एक महिला इंफ्लुएंसर को पूछताछ के लिए समन भेजा है. पुलिस टीमों ने पहले ही कई व्हाट्सएप ग्रुपों में घुसकर गलत सूचनाओं का खंडन किया था, जिससे भीड़ को और बढ़ने से रोका जा सका.
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एमसीडी ने हटाया मलबा...
भ्रम दूर करने के लिए पुलिस ने डिमोलिशन साइट का 'बिफोर और आफ्टर' (कार्रवाई से पहले और बाद का) एरियल वीडियो जारी किया है. फुटेज में देखा जा सकता है कि मस्जिद, बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी पहले मौजूद थे, लेकिन कोर्ट के आदेश पर केवल बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी को हटाया गया है. मस्जिद अपनी जगह पर पूरी तरह सुरक्षित है. एमसीडी ने करीब 36 हजार वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण साफ कर दिया है.
हिंसा से पहले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने 120 से ज्यादा मौलवियों और अमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर बात की थी कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जो प्राथमिक उपचार के बाद वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं. पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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