केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार अब इमरजेंसी के समय जेल गए राजनीतिक बंदियों के लिए पेंशन शुरू करेगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इमरजेंसी में जेल गए मीसा बंदियों के लिए पेंशन शुरू करने की योजना का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की बीजेपी सरकार आपातकाल के समय जेल गए राजनीतिक बंदियों को सम्मानित करेगी और उन्हें पेंशन उपलब्ध कराएगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली की सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों ने देश में लागू इमरजेंसी के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए महीनों तक जेलों में बंद रहे लोगों को कोई राहत नहीं दी. उन्होंने ऐलान किया कि हमारी सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों (राजनीतिक बंदियों) को पेंशन देने का फैसला किया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे यह भी कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने की भी घोषणा की और कहा कि ऐसा कई अन्य राज्यों की सरकारें कर भी रही हैं.
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गौरतलब है कि इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली सरकार ने 1975 में संविधान के आर्टिकल 352 का उपयोग कर देश में इमरजेंसी लागू कर दिया था. देश में 1977 तक इमरजेंसी लागू रहा. इस दौरान बड़ी तादाद में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को मीसा के तहत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था. बाद में गैर कांग्रेसी सरकारों ने देश के कई राज्यों में इन मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी पेंशन देने का काम शुरू किया था, जिनमें यूपी और बिहार जैसे बड़े राज्य भी शामिल हैं.
बीजेपी की सरकार वाले ओडिशा के मु्ख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी हाल ही में मीसा बंदियों के लिए पेंशन शुरू करने का ऐलान किया था. ओडिशा सरकार ने इसी साल जनवरी में यह ऐलान किया था कि लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. बीजेपी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मीसा बंदियों को पेंशन देने का विधेयक इसी साल पारित किया था.
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