बिहार के समस्तीपुर रेलमंडल में स्विमिंग पूल में नहाने को लेकर डीआरएम के बेटे और एक डॉक्टर के बीच विवाद हो गया. इसके बाद बंगला के अंदर बुजुर्ग पिता सहित पूरे परिवार को कैद कर गेट सील कर दिया. इस मामले में डीआरएम ने कहा कि रेलवे अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था, उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया था. बंगला सील करने का आदेश नहीं दिया गया था. बंगला किसने सील किया, ये जांच का विषय है.
समस्तीपुर रेलमंडल स्थित रेलवे अस्पताल के डॉक्टर शिवाशीष राय कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत थे. उनका कॉन्ट्रैक्ट मई में समाप्त हो गया था. रेलवे ने डॉक्टर को बंगला खाली करने का नोटिस चस्पा कर 13 जून की दोपहर 12 बजे तक का समय दिया था. जब डॉक्टर ने बंगला खाली नहीं किया तो डॉक्टर के बुजुर्ग पिता सहित पूरे परिवार के अंदर रहते हुए बंगले को सील कर दिया गया. जब इस बात की जानकारी डीआरएम को हुई तो उन्होंने करीब तीन घंटे बाद सील बंगले को खुलवाया.
डॉक्टर के पिता ने डीआरएम पर लगाए ये आरोप
इस मामले में डॉ. शिवाशीष राय के पिता मिथिलेश कुमार राय ने डीआरएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा बेटा 12 जून को स्विमिंग पूल में नहाने गया था तो उसे रोक दिया गया कि डीआरएम का बेटा नहा रहा है, अभी मत जाइए, लेकिन वह स्विमिंग पूल में नहाने चला गया. इसी को लेकर नोटिस आ गया, जिसमें कहा गया कि कल 12 बजे तक बंगला खाली कर दो, नहीं तो सील कर दिया जाएगा.
डीआरएम बोले- बंगला सील किसने किया, ये जांच का विषय
डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा कि मई में डॉक्टर का रेलवे से कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था. इसलिए उन्हें विधिवत बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया था. डीआरएम ने कहा कि बंगला सील करने का आदेश नहीं दिया गया था, इसमें दो बातें हो सकती हैं.
DRM ने कहा कि या तो उन्होंने खुद सील करके इसे वायरल किया होगा. अगर रेलवे के द्वारा किया गया होगा तो हम पता करेंगे, ये जांच का विषय है. स्विमिंग पूल का कोई मामला नहीं है. डॉक्टर का जब कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था तो उनको खुद बंगला खाली कर देना चाहिए था.
जहांगीर आलम