27 साल बाद भगवान की मूर्तियों को मिली 'रिहाई', लोगों ने कहा- यह ऐतिहासिक दिन

आरा के एक गांव के मंदिर से अष्टधातु की हनुमान और संत बरबर की मूर्तियां चोरी हो गई थीं. 27 साल से चोरी की गई मूर्तियां थाने के मालखाने में रखी हुई थीं. कोर्ट के आदेश के बाद मूर्तियों को गांववालों को सौंप दिया गया. लोगों ने कहा कि वापस इन मूर्तियों को उसी मंदिर में स्थापित किया जाएगा.

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 मालखाने से बाहर लगा गई मूर्तियां (Video Grab). मालखाने से बाहर लगा गई मूर्तियां (Video Grab).

सोनू कुमार सिंह

  • आरा ,
  • 29 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

बिहार के आरा में पुलिस थाने के मालखाने में 27 वर्षों से कैद भगवान को मंगलवार को आखिरकार रिहाई मिल गई है. कोर्ट के आदेश के भक्तों में खुशी की लहर देखने को मिली है. आरा सिविल कोर्ट के एडीजे-3 सतेन्द्र सिंह ने रिलीज आर्डर जारी किया था.

आदेश जारी होने के बाद बड़हरा प्रखंड के कृष्णागढ़ ओपी के मालखाने से अष्टधातु की बनी भगवान हनुमान जी और संत बरबर स्वामी की मूर्तियां बाहर निकाला गईं. भक्तों ने मूर्तियों की विधिवत पूजा की और पूरे इलाके में भव्य शोभायात्रा निकाली.  लोगों का कहना है कि दोनों मूर्तियों को गुंडी गांव स्थित श्रीरंगनाथ भगवान के मंदिर में पुनः स्थापना कराया जाएगा. 

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भगवान की मूर्ति को रिलीज कराने में बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल और आरा सिविल कोर्ट के अधिवक्ता अजीत कुमार दुबे के साथ-साथ ग्रामीणों सालों का प्रयास आखिरकार रंग लाया.

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29 साल पहले चुराई गई थीं मूर्तियां, कुएं में मिलीं.

दरअसल, करीब 29 साल पहले 29 मई 1994 को बड़हरा प्रखंड अंतर्गत गुंड़ी गांव स्थित श्रीरंगनाथ भगवान मंदिर में स्थापित अष्ट धातु के बनी भगवान हनुमान और संत बरबर स्वामी की मूर्ति को अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली गई थीं.

तत्कालीन मंदिर के पुजारी जनेश्वर द्विवेदी ने कृष्णागढ़ ओपी थाने में मूर्ति चोरी का आरोप लगाते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

पुलिस ने दो साल बाद 25 मई 1996 को नगर थाना क्षेत्र के भलुही पुर गौसगंज बाधार के चोंचाबाग स्थित कुएं से दोनों मूर्तियों को बरामद कर लिया था और थाने ले आई थी.

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27 साल बाद हुआ फैसला

27 साल से मूर्तियां थाने के मालखाने में रखी हुई थीं. लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट में यह केस डिस्पोजल हो गया और थाने के मालखाने में कैद दोनों मूर्तियों को आखिरकार कोर्ट के रिलीज ऑर्डर के बाद रिहा कर दिया गया.

सालों का सपना हुआ पूरा

जैसे ही कोर्ट से रिलीज ऑर्डर आया पूर्वी गुंडी पंचायत के ‌मुखिया कृष्णा कुमार सिंह और उनके गांव के लोगों पर खुशी की लहर दौड़ गई. मालखाने से मूर्तियां बाहर आने के बाद उनकी पूजा की गई और दर्जनों लोगों ने मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली. 

मुखिया कृष्णा कुमार सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है. जहां एक और राम नवमी का पर्व चल रहा है वही वर्षों बाद मंदिर से चोरी के हुई मूर्तियां मालखाने से बाहर लगा गईं.

कृष्णागढ़ ओपी थाना इंचार्ज ब्रजेश सिंह ने कहा कि काफी खुशी की बात है कि भगवान को मालखाने से बाहर निकाल मंदिर में स्थापित किया जा रहा है, जहां अब भगवान का दर्शन भक्त सीधा करेंगे और उनकी पूजा-अर्चना भी होगी.

 

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