Bihar News: बिहार सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए वैसे लोगों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जो सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाकर रह रहे हैं. जिनके पास कोई कागजात नहीं है और वे इस देश के नहीं बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश या अन्य कहीं के रहने वाले हैं. सरकार उनकी पहचान करेगी. उनके घर पर बुलडोजर चलेगा और उन्हें तत्काल जेल की हवा खानी पड़ेगी.
बिहार के राजस्व भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने यह ऐलान किया है कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. जिनके पास कोई ऑथेंटिक कागजात नहीं हैं और वे बांग्लादेश से आकर बिहार के विभिन्न इलाकों में बसे हुए हैं. उनके पास ऐसी जानकारी आई है कि सीमांचल के इलाकों, जो खासकर बॉर्डर से सटा हुआ एरिया है, वहां अवैध बांग्लादेशियों की तादाद बढ़ गई है और वे बिहार के किशनगंज और उसके आस-पास के जिलों में रह रहे हैं.
मंत्री रामसूरत राय के मुताबिक, ऐसे लोगों की डिटेल निकाली जा रहा है. अगर ऐसी कोई जानकारी जनता के पास है, तो उन्हें ये जानकारी दी जा सकती है. मंत्री उस पर एक्शन लेकर कार्रवाई करेंगे.
इतना ही नहीं मंत्री का स्पष्ट कहना है कि बिहार के उन तमाम जिलों में जहां लोग सरकारी जमीन को कब्जा कर रह रहे हैं. उस पर राजस्व भूमि सुधार विभाग की नजर है. सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से मकान बना कर रह रहे लोगों को अतिक्रमणकारी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी. एक सप्ताह के भीतर वैसे लोगों के निर्माण पर बुलडोजर चला दिया जाएगा.
मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर अधिकारियों के साथ बैठक की है और पूरा विवरण मांगा है. उन्होंने वो लिस्ट मांगी है, जहां सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है. रामसूरत राय ने अधिकारियों को वैसी जगहों को गिराने का आदेश दे दिया है.
बता दें कि कुछ महीने पहले भी रामसूरत राय के विभाग की ओर से जिलों के एसपी और डीएम को पत्र लिखा गया था. जिसमें दूसरे देश के नागरिकों वाली बात की चर्चा की गई थी. जिस पर खूब सियासत हुई थी. एक बार फिर कहा जा रहा है कि घुसपैठ की बात उठाने के बाद बिहार में सियासत गर्मा सकती है. क्योंकि घुसपैठियों में सीमांचल में ज्यादातर लोग अल्पसंख्यक हैं, जिनको लेकर एक्शन लेना कठिन बताया जा रहा है. बांग्लादेश के अवैध घुसपैठियों का मामला सालों से गूंजता रहा है, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
सुजीत झा