Yoga Day: राशियों के हिसाब से योग... एक्सपर्ट से जानिए क्या होता है 'न्यूमेरो योग'

न्यूमेरो योग एक्सपर्ट सिद्धार्थ एस कुमार ने कहा कि न्यूमेरो योग की नींव इस तथ्य में निहित है कि मानव शरीर पांच तत्वों से बना है, हर नंबर और राशि का योग पर प्रभाव होता है. सिद्धार्थ एस कुमार से जानिए राशियों के आधार पर योग मुद्राएं-

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Yoga Day 2022 (Photo- PTI) Yoga Day 2022 (Photo- PTI)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 21 जून 2022,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज है. पूरी दुनिया इस विरासत को अपना रही है. खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद योग को लेकर जागरुकता बढ़ी है. योग के बढ़ते दायरे के साथ ही इसके कई आयाम भी है. इसमें से एक है 'न्यूमेरो योग'. प्रसिद्ध ज्योतिष-अंकशास्त्री और न्यूमेरो योग एक्सपर्ट सिद्धार्थ एस कुमार ने राशियों के हिसाब से योग मुद्राओं के बारे में बात की.

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न्यूमेरो योग कैसे काम करता है? सिद्धार्थ एस कुमार ने कहा कि न्यूमेरो योग की नींव इस तथ्य में निहित है कि मानव शरीर पांच तत्वों से बना है, हर नंबर और राशि का योग पर प्रभाव होता है. राशि के हिसाब से ही शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक, बौद्धिक और सामाजिक सामंजस्य बैठाने के लिए अलग-अलग योग किए जा सकते हैं.

न्यूमेरो योग कैसे कर सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए सिद्धार्थ एस कुमार ने बताया कि इसको करने के 5 तरीके हैं. सबसे पहले वर्तमान दशा यानी काल चक्र के हिसाब से योग का चयन. इसके अलावा नाम में आने वाले अक्षर और ग्रह के हिसाब से संतुलन से योग मुद्रा का लाभ उठाया जा सकता है. 

'मानव शरीर पांच तत्वों से बना है और न्यूमेरो योग भी पांच तत्वों पर आधारित है. ये है- दशा, नाम, राशि, जन्म-भाग संख्या और मौसम. इन पांचों के समन्वय से ही योग मुद्राएं की जा सकती हैं.'

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सिद्धार्थ एस कुमार, न्यूमेरो योग एक्सपर्ट

सिद्धार्थ एस कुमार ने बताया कि राशियों के आधार पर भी योग मुद्रा का चयन अहम होता है. उन्होंने कहा कि जन्म तिथि और भाग्य संख्या महत्वपूर्ण मानदंड हैं जो किसी व्यक्ति के जीवन को नियंत्रित करते हैं. अगर ये दोनों एक-दूसरे के साथ तालमेल नहीं बिठाते हैं, तो योग मुद्रा का लाभ उठाकर इसमें तालमेल बिठाया जा सकता है.

न्यूमेरो योग एक्सपर्ट सिद्धार्थ एस कुमार से जानिए राशियों के आधार पर योग मुद्राएं-

मेष- नाड़ी शोधन प्राणायाम जैसी मेष प्राणायाम तकनीक उनकी अधीरता और लापरवाही को आराम देने में मदद कर सकती है. इसके अलावा हस्त मुद्रा-अग्नि शक्ति मुद्रा, लापरवाही को नियंत्रित कर सकती है.

वृषभ- इस राशि के लोगों के आलस्य को ताड़ासन (पर्वत मुद्रा) द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है. वे वही हैं जो Perfectionism के बहुत पीछे भागते हैं. इसमें योग की उत्तरबोधी मुद्रा उनकी मदद करेगी. योग की इस मुद्रा से वे अपनी समस्या सुलझाने की क्षमता बढ़ाएंगे और समस्याओं को हल करने पर अपना ध्यान बढ़ाएंगे.

मिथुन- इस राशि के जातक की चिंता को हीरो पोज़ योग से नियंत्रित किया जा सकता है. कालसेवर मुद्रा घबराहट और चिंता की भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए उपयोगी है.

कर्क- हस्तपादासन और जानू सिरसासन योग इनके मिजाज और संवेदनशीलता को नियंत्रित करता है. योग की चिन्मय मुद्रा मानसिक तनाव को शांत करेगी.

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सिंह- साधना और प्राणायाम अहंकार और ध्यान आकर्षित करने वाले गुणों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. अपान वायु मुद्रा, जिद को कम करने में मददगार साबित हो सकता है.

कन्या- फिश पोज़, ट्रायंगल पोज़ और स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड पोज़ मन और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है.

तुला- ध्यान और साधना आत्म-दया को नियंत्रित करने में मदद करती है.

वृश्चिक- भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) और कुंभकासन (तख़्त) लोगों के हठ स्वभाव के लिए हैं.

धनु- अधो मुख संवासन की मुद्रा घमंड को नियंत्रित करने में मदद करती है, जबकि अंजनेसियाना अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है. प्राण मुद्रा ध्यान केंद्रित करने और ध्यान आकर्षित करने में मदद करता है.

मकर- शोल्डर स्टैंड (सलम्बा सर्वांगासन) और स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड (उत्तानासन) उन्हें अपने हठ और अत्यधिक गंभीर स्वभाव को नियंत्रित करने में मदद करता है.

कुंभ- उत्तानासन (आगे की ओर मुड़ी हुई मुद्रा) अप्रत्याशितता को नियंत्रित करने और आवेगी प्रकृति को नियंत्रित करने के लिए हो सकता है. चिन्मय मुद्रा उन्हें शांत रखती है.

मीन- इस राशि के जातक अंजनेयासन कर सकते हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता पैदा होगी. यह उन्हें शांत करता है और उनके भ्रम को कम करता है. उत्तरबोधी मुद्रा भी जरूरी है.

 

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