देश ने हाल ही में अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है और अब, इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी दुकान पर तिरंगा लगाने से इनकार कर दिया.
इस वीडियो में कुछ लोग नारियल पानी की एक दुकान पर आते हैं और वहां तिरंगा लगाने लगते हैं. ये देखकर वहां मौजूद मुस्लिम टोपी पहने हुए एक शख्स उनसे बहस करने लगता है. वो कहता है कि वो अपनी दुकान पर तिरंगा नहीं लगाने देगा. 50 सेकंड के इस वीडियो में दोनों पक्षों को बहसबाजी करते हुए देखा जा सकता है.
इस वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “इन गद्दारों के साथ क्या किया जाए? गद्दारों को पहले भगवा ध्वज से तकलीफ होता था लेकिन अब तिरंगा झंडा से भी तकलीफ होने लगा है. कुछ हिंदू भाई एक गद्दार की दुकान पर तिरंगा झंडा लगाने गए, गद्दार ने बोला चाहे जो हो जाए मैं अपनी दुकान पर तिरंगा नहीं लगने दूंगा, कहीं और जाकर लगाओ उसके बाद हिंदू भाइयों ने भरपूर स्वागत किया है, हालांकि स्वागत वाला वीडियो सुरक्षा कारणों से नहीं डाला गया है.”
वायरल वीडियो इन्हीं दावों के साथ फेसबुक पर भी खूब शेयर किया जा रहा है. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो स्क्रिप्टेड है और किसी असली घटना को नहीं दिखाता.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें पता लगा कि इसे 14 अगस्त, 2023 को “रितिक कटारिया” नाम के एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था. चैनल के डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि यहां प्रेरणादायक वीडियो पोस्ट किए जाते हैं.
वायरल वीडियो के पूरे वर्जन का टाइटल है, “तिरंगे पर हुई लड़ाई हिन्दू के साथ मुस्लिम माँ बेटे की”. वायरल वीडियो वाला हिस्सा इस वीडियो में 57 सेकेंड पर देखा जा सकता है.
पूरा वीडियो देखने से इसकी कहानी समझ में आती है. मुस्लिम टोपी पहने हुए शख्स बार-बार अपनी दुकान पर तिरंगा झंडा लगाने से मना करता है. बहसबाजी बढ़ती है तो वहां एक पुलिस अफसर आ जाता है और पूछताछ करने लगता है. इसके बाद मुस्लिम शख्स सबको दिखाता है कि उसने पहले से ही अपनी दुकान के ऊपर तिरंगा झंडा लगाया हुआ है. वो कहता है कि तिरंगा हमेशा ऊपर लगा हुआ होना चाहिए, उसे नीचे लगाना उसकी तौहीन करना है.
इसके बाद मुस्लिम शख्स कहता है कि वो मुसलमान है इसलिए उसके साथ ऐसा किया जा रहा है, जबकि मुस्लिमों का भी देश की आजादी में उतना ही योगदान है जितना हिंदुओं का. इसके बाद तिरंगा लगाने आए लोग मुस्लिम शख्स से माफी मांगते हैं और गले मिलते हैं. जाहिर है, वीडियो के एक छोटे से हिस्से को शेयर किया जा रहा है जिससे पूरी बात स्पष्ट नहीं हो रही.
वीडियो की कहानी क्या है?
हमने इस वीडियो को अपलोड करने वाले रितिक कटारिया से संपर्क किया. रितिक ने आजतक को बताया कि ये वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे भाईचारा बढ़ाने का संदेश देने के मकसद से बनाया गया था. रितिक ने बताया कि वो ये वीडियोज अपने पिता अमर कटारिया के साथ बनाते हैं जो पेशे से एक्टर हैं. रितिक ने ये भी बताया कि वे रोहतक के रहने वाले हैं और ये वीडियो भी उन्होंने रोहतक में ही रिकॉर्ड किया था.
रितिक ने बताया कि जिस शख्स ने वीडियो में पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है वही उनके पिता अमर कटारिया हैं. हमने देखा कि वीडियो के अंत में अमर कटारिया ने अपनी पूरी टीम की तरफ से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दी हैं. हमें रितिक कटारिया के यूट्यूब चैनल पर ऐसे अन्य वीडियो भी मिले, जो जागरूकता के मकसद से बनाए गए हैं. हमने अमर कटारिया का इंस्टाग्राम अकाउंट भी देखा, वहां भी इन वीडियोज को अपलोड किया गया है.
साफ है, 2023 के एक स्क्रिप्टेड वीडियो के अधूरे हिस्से को सांप्रदायिक एंगल देकर शेयर किया जा रहा है.
2023 में भी अमर कटारिया के एक दूसरे स्क्रिप्टेड वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया था. आजतक ने उस समय भी उसका फैक्ट चेक किया था.
सत्यम तिवारी