फैक्ट चेक: लालकृष्ण आडवाणी ने मोदी सरकार पर नहीं लगाया है ये आरोप, उनके नाम पर मनगढ़ंत बयान वायरल

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि केंद्रीय एजेंसियों की जांच के बारे में लालकृष्ण आडवाणी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है. ये पूरी तरह मनगढ़ंत है. लालकृष्ण आडवाणी अकसर ‘blog.lkadvani.in’ ब्लॉग के जरिये अपने विचार सामने रखते थे. लेकिन वर्तमान में ये ब्लॉग चालू हालत में नहीं है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार को संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए.
सच्चाई
ये बयान मनगढ़ंत है. लालकृष्ण आडवाणी ने ऐसा कुछ नहीं कहा है.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ पूरी हो गई है. जांच एजेंसी ने तीन दिन में उनसे तकरीबन 11 घंटे तक सवाल-जवाब किए. इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन किया और अब ‘संवाद टीवी’ नाम के एक फेसबुक पेज ने एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया है कि वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी इस जांच को लेकर कांग्रेस पार्टी के समर्थन में उतर आए हैं.

Advertisement

इस रिपोर्ट के थंबनेल में बड़े-बड़े अक्षरों में ‘ब्रेकिंग न्यूज’ लिखा है. साथ ही लिखा है, ‘भाजपा का बूढ़ा शेर हुआ बेकाबू, 90 साल के बूढ़े आडवाणी ने मोदी की धज्जियां उड़ा दीं, नप गए प्रधानमंत्री’.

इस रिपोर्ट में वॉइस ओवर है, “कांग्रेस को मिला लालकृष्ण आडवाणी का साथ. सोनिया गांधी के ईडी के समक्ष पेश होते ही मोदी-शाह को जड़ से उखाड़ फेंका. नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ जारी है. इस बीच कांग्रेस की तरफ से इसके विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है.

इधर इस मामले को लेकर कांग्रेस को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का भी साथ मिल गया. उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए इशारों ही इशारों में मोदी-शाह पर करारा हमला बोला है.

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्र सरकार को संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग निष्पक्ष रूप से किया जाना चाहिए, न कि किसी को डराने और धमकाने के लिए.”

Advertisement

इसके बाद खबर में ये भी बताया जाता है कि सचिन पायलट ने इस जांच को लेकर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है.     

 

 

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि केंद्रीय एजेंसियों की जांच के बारे में लालकृष्ण आडवाणी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है. ये पूरी तरह मनगढ़ंत है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

सोनिया गांधी की ईडी जांच का मुद्दा पिछले काफी समय से मीडिया में छाया हुआ है. ये बात समझना मुश्किल नहीं है कि अगर ऐसे वक्त में लालकृष्ण आडवाणी ने इस जांच को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा होता तो हर तरफ इसकी चर्चा होती. सभी प्रमुख वेबसाइट्स में इस बारे में खबर छपी होती. लेकिन हमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला.

लालकृष्ण आडवाणी अक्सर ‘blog.lkadvani.in’ ब्लॉग के जरिये अपने विचार सामने रखते थे. लेकिन वर्तमान में ये ब्लॉग चालू हालत में नहीं है. इस बारे में पुख्ता जानकारी पाने के लिए हमने लाल कृष्ण आडवाणी के सरकारी निवास में संपर्क किया. आडवाणी के सहायक भारत ने ‘आजतक’ को बताया कि उन्होंने हाल-फिलहाल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

Advertisement

सही है सचिन पायलट वाला बयान

वायरल न्यूज रिपोर्ट में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के हवाले से जो बयान लिखा है, वो सही है. नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी को ईडी की तरफ से समन भेजे जाने को लेकर सचिन ने केंद्र सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि इस समन के पीछे केंद्र सरकार का मकसद विपक्ष की आवाज को दबाना है. सचिन ने इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बताया था. इस जांच को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे सचिन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.

साफ है, लालकृष्ण आडवाणी के हवाले से एक ऐसा बयान शेयर किया जा रहा है जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं.

(इनपुट: सुमित कुमार दुबे)

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement