इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वो किसी कार्यक्रम के दौरान एक अरबी वेशभूषा वाले व्यक्ति से माइक लेने से पहले अपने हाथ साफ करते नजर आ रहे हैं.
वो व्यक्ति, नेतन्याहू को माइक देने के लिए आगे बढ़ता है. लेकिन नेतन्याहू दूर खड़े किसी व्यक्ति को हाथ साफ करने का इशारा करते हैं. वो अपने हाथ सैनेटाइज करते हैं, फिर माइक थामते हैं. कुछ लोग इसे नस्लवाद के उदाहरण के तौर पर शेयर कर रहे हैं. तो वहीं कुछ इस तरह से इसे शेयर कर रहे हैं मानों नेतन्याहू अरबी मुस्लिमों को हीन भावना से देखते हैं.
मिसाल के तौर पर एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “नेतन्याहू के सामने "तेल मालिक" अमरतियों की औकात, ताऊ नेतन्याहू एक अरबी मुचलमान के हाथ से माइक तबतक नही लेते जबतक अपने हाथों को कीटाणुनाशक चिपचिपे पदार्थ से सुरक्षित नही कर लेते.” इस पोस्ट का अर्काइवड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि कोविड-19 के वक्त का है. संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर उन्होंने अपने हाथ सैनेटाइज किए थे.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसका लंबा वर्जन इजरायली प्रधानमंत्री के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 26 नवंबर, 2020 को अपलोड किया गया था. एक बात तो साफ है कि वीडियो पुराना है, हाल-फिलहाल का नहीं. डिसक्रिप्शन के मुताबिक नेतन्याहू ने दुबई से इजरायल की पहली कमर्शियल फ्लाइट के स्वागत समारोह में हिस्सा लिया और बेन-गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित इस कार्यक्रम में एक स्पीच भी दी.
ये वीडियो कोविड-19 के वक्त का है. वीडियो में दिख रहे ज्यादातर लोगों ने अपने मुंह पर मास्क लगाया हुआ है. इस वक्त संक्रमण से बचाव के लिए लोग कई सुरक्षा उपायों को अपनाते थे, जैसे - मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग, नियमित रूप से हाथों को सैनेटाइज करना आदि.
नेतन्याहू भी माइक पकड़ने से पहले अपने हाथ सैनेटाइज कर रहे थे. स्पीच शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद नेतन्याहू मास्क पहने हुए नजर आए. इसके अलावा वो लोगों से सीधे तौर पर हाथ न मिलाकर, एल्बो बंप (अभिवादन का एक तरीका) कर रहे थे.
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE सरकार की बजट एयरलाइन फ्लाईदुबई, दोनों देशों के बीच कमर्शियल पैसेंजर सर्विस शुरू करने वाली पहली एयरलाइन थी. इससे उम्मीद लगाई गई कि कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों देशों को टूरिज्म से फायदा होगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
बता दें कि WHO (विश्व स्वास्थ संगठन) ने 30 जनवरी, 2020 को कोरोना वायरस को लेकर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की थी. इसके बाद 11 मार्च, 2020 को WHO ने आधिकारिक तौर पर COVID-19 को ‘महामारी’ घोषित कर दिया था.
नवंबर 2020 के इस वीडियो के आने के कुछ दिन बाद ही कोविड-19 के चलते इजरायल में तीसरा नेशनल लॉकडाउन लगा दिया गया था.
साफ है कि वायरल हो रहे वीडियो के महत्वपूर्ण संदर्भ के बिना इसे शेयर किया जा रहा है जिससे लोगों में भ्रम फैल रहा है.
अभिषेक पाठक