तारक मेहता का उलटा चश्मा शो के पसंदीदा कलाकार डॉ. हंसराज हाथी (कवि कुमार आजाद) की मौत के बाद शो के सभी सदस्यों समेत फैंस को भी झटका लगा है. इस बारे में शो के प्रोड्यूसर असित मोदी का कहना है कि हमें कवि कुमार आजाद के जाने का बहुत दुख है लेकिन किरदार को आगे शो में खत्म नहीं किया जाएगा. हम शो में इस किरदार के लिए दूसरा रिप्लेसमेंट तलाश रहे हैं.
स्पॉटबाय को दिए इंटरव्यू में शो के प्रोड्यूसर असित मोदी ने ज्यादा जानकारी देने से इंकार कर दिया. लेकिन ये दर्शकों के लिए भी बेहद दिलचस्प होगा कि आगे डॉ हाथी के किरदार को कौन सा नया एक्टर करेगा और शो में क्या नए बदलाव आएगा. कवि कुमार आजाद का रोल शो में बहुत पॉपुलर था.
बता दें टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में डॉक्टर हंसराज हाथी का रोल निभाने वाले कवि कुमार आजाद के 9 जुलाई को हुए निधन को लोग भुला नहीं पा रहे हैं. अभी भी इंडस्ट्री में लोग सदमे में हैं. हाल ही में ये बात सामने आई कि डॉ. हाथी कभी अपने बढ़े हुए वजन से इतने परेशान थे कि वे चल भी नहीं सकते थे. डॉ. हाथी की 8 साल पहले बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. मुफी लाकडवाला ने बताया कि उस समय कवि कुमार का वजन 265 किलो था.
इस वजन के साथ वे चल भी नहीं सकते थे. उन्हें 10 दिन तक वेंटीलेटर पर रखना पड़ा, उन्हें इससे नहीं हटाया जा सकता था, क्योंकि वे इसके बिना सांस नहीं ले सकते थे. बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद उनका वजन 140 किलो तक कम हो गया था.
इसके बाद उन्हें दूसरी बैरिएट्रिक सर्जरी की सलाह दी गई, लेकिन वे इसके लिए राजी नहीं हुए. इससे उनका वजन 90 किलो तक कम हो सकता था. कवि कुमार को लगा कि वे फिर बेरोजगार हो जाएंगे.
डॉ. मुफी ने उन्हें पैडिंग का इस्तेमाल कर कैमरा फेस करने की सलाह दी, लेकिन वे इसके लिए राजी नहीं हुए. इसके बाद उनका वजन 20 किलो बढ़ गया. वे 160 किलो के हो गए थे. लेकिन वे अब भी बैरिएट्रिक सर्जरी नहीं कराना चाहते थे. यदि यह हो जाता तो आज डॉ. हाथी जिंदा होते.
8 साल पहले डॉ. हाथी ने अपनी बैरिएट्रिक सर्जरी कराई थी. ये सर्जरी डॉ. मुफी लाकडवाला ने मुफ्त में की थी. रिपोर्ट्सके मुताबिक उस दौरान सलमान खान ने डॉ. हाथी की दवाइयां, ऑपरेशन थिएटर और रूम का खर्च उठाया था.