'मैं बस चली जाना चाहती थी...', यामी गौतम ने बताया कैसे बॉलीवुड के बिगड़े सिस्टम से हो गई थीं परेशान, करना चाहती थीं क्विट

यामी ने फिल्म इंडस्ट्री में चलने वाले सिस्टम पर बात की और कहा कि एक प्वाइंट आता है, जब आपको दिल से कोई चीज बुरी लगती है. ये किसी इंसान के लिए गुस्सा नहीं है, बस मैं अपनी बात शेयर कर रही हूं. यामी ने कहा कि करियर के शुरुआती दिनों में इस तरह की फीलिंग से हर किसी का सामना होता होगा.

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यामी गौतम यामी गौतम

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 6:24 PM IST

बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम ने शोबिज इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. पैपराजी और शोबिज की चकाचौंध से दूर यामी ने अपने एक्टिंग टैलेंट के बलबूते एक मुकाम हासिल किया है. हाल ही में एक इंटरव्यू में यामी ने कहा कि एक दौर था, जब वो इंडस्ट्री छोड़ देना चाहती थीं. जब उन्हें लगने लगा था कि यहां सिर्फ दिखावे को ही महत्व दिया जाता है.

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सिस्टम में है गड़बड़ी
यामी ने फिल्म इंडस्ट्री में चलने वाले सिस्टम पर बात की और कहा कि एक प्वाइंट आता है, जब आपको दिल से कोई चीज बुरी लगती है. ये किसी इंसान के लिए गुस्सा नहीं है, बस मैं अपनी बात शेयर कर रही हूं. यामी ने कहा कि करियर के शुरुआती दिनों में इस तरह की फीलिंग से हर किसी का सामना होता होगा. यामी ने कहा कि मैं कोई मोर्चा नहीं बुलंद करना चाहती, या ये कोई मुहीम नहीं है, हर किसी का एक फेज होता है. 

यामी ने कहा- जैसे अवॉर्ड फंक्शन्स होते हैं, उसी तरह ये भी चलता है. लेकिन एक एक्टर की तरह आप सोचते हो कि अरे यार उस इंटरव्यू में मुझे भी होना चाहिए था. लेकिन आप इन्वाइटेड नहीं हो. अब भले ही मुझे इन्वाइट किया जाता है. लेकिन मैं उस दौर की बात कर रही हूं जब मैंने शुरू किया था. फिल्मों में लीड रोल है, लेकिन इंटरव्यू में नहीं बुलाया जाता क्योंकि आप फेमस फेस नहीं हो. 

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हद से ज्यादा पीआर नहीं कर सकती
यामी ने कहा कि कभी-कभी हिट्स की लिस्ट में नाम शामिल ना होना खलता है. यामी ने कहा- अब मैं एक सिक्योर इंसान हूं, लेकिन एक वक्त था, जब ये सब बहुत खलता था. होता क्या है कि आपके आसपास ऐसा माहौल क्रिएट किया जाता है कि आप एक स्टार हैं. पैपराजी होते हैं फोटोज क्लिक के लिए, फैंस की भीड़ जो आपका पीछा करती है, पूरी पीआर टीम होती है. मैं ये सब नहीं हूं. मैं ये समझ चुकी हूं कि ऑडियन्स को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. आखिर में उन्हें अच्छी फिल्म ही देखनी है. 

यामी ने कहा- कई प्रोड्यूसर्स ऐसा कहते हैं कि आप थोड़ा पीआर पर ध्यान दें. तो मैं नहीं कर सकती. मुझे लगता है कोई भी चीज जरूरत के हिसाब से करनी चाहिए, करते-करते जरूरत बन जाए तो नहीं. आपको पता ही नहीं चलता कि कब ये आपकी लाइफ का पार्ट बन जाते हैं. मुझे सिर्फ अच्छा काम करना है. फिल्म बाला के लिए नॉमिनेट ना होना मुझे काफी खल गया था. मैं तब तक उस पॉइंट पर आ चुकी थी कि अब मैं कोई फिल्म नहीं करूंगी. मैं क्विट करना चाहती थी.

चाहती थी क्विट करना 

यामी ने कहा- बाला करने से पहले मैं इंडस्ट्री क्विट कर देना चाहती थी. अच्छा काम कर लेने के बावजूद यामी को वो पहचान नहीं मिल पा रही थी, जिसकी उन्हें तलाश थी. इस वजह से यामी ने डिसाइड किया था कि अब वो ये इंडस्ट्री छोड़ देंगी. यामी ने कहा- मैं यहां से चली जाना चाहती थी. मैं डेस्परेट नहीं थी. मैं एक्टिंग से बहुत प्यार करती हूं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि और कुछ नहीं हो सकता. मैं रेडी थी, मेरी मम्मी ने भी कह दिया था कि ठीक है आ जाओ. जो भी हो आपको नींद अच्छी आनी चाहिए. आपको किसी चीज का प्रेशर नहीं लेना. आप अपना हार्ड वर्क करो, लेकिन जरूर नहीं कि हर चीज का रिजल्ट अच्छा ही हो. 

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