जब से एआर रहमान ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपने धर्म और सरनेम की वजह से बॉलीवुड में काम नहीं मिला, तब से इंडस्ट्री में मौकों को लेकर बातचीत हो रही है. हाल ही में इमरान हाशमी की वेब सीरीज तस्करी में नजर आईं जोया अफरोज ने अब बॉलीवुड की 'जमीनी' सच्चाई के बारे में खुलकर बात की है.
'द फ्री प्रेस जर्नल' के साथ हुई एक खास बातचीत में जोया अफरोज से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या उन्हें भी कभी इंडस्ट्री में धर्म या नाम की वजह से किसी तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा है? इस पर जोया ने का मानना है कि असल जिंदगी और आम लोगों के बीच की हकीकत कुछ और ही है.
जोया अफरोज ने क्या कहा?
जोया अफरोज ने कहा, 'जब आप असल में जमीन पर आते हैं और आम लोगों से मिलते हैं, तो हम सभी एक-दूसरे से प्यार करते हैं. कोई भी एक-दूसरे से सिर्फ एक नाम की वजह से नफरत नहीं करता. इसलिए मुझे लगता है कि हम एक अलग-अलग तरह के कल्चर वाले लोग हैं. हम एक-दूसरे से बहुत अलग हैं – हर राज्य, हर शहर खाने, पहनने और बात करने के तरीके के मामले में एक-दूसरे से अलग है.'
एक्ट्रेस ने कहा , 'और शायद कुछ लोग ऐसे ही हैं. मैं यह नहीं कह रही कि सब कुछ ठीक है और सब कुछ बढ़िया है. बेशक, हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां कुछ लोग ऐसे होंगे जिन्हें यह बैकलैश मिलेगा या जो अपने प्रोपेगैंडा को आगे बढ़ाएंगे. लेकिन मुझे लगता है कि ज्यादातर, कम से कम मेरी जिंदगी में, जो कुछ भी हुआ है, वे हमेशा बहुत सपोर्टिव रहे हैं, और मैंने बहुत प्यार देखा है. इसलिए मुझे उम्मीद है कि यह मेरे साथ जारी रहेगा.'
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने नाम की वजह से काम खोया है? तो जोया ने कहा, 'नाम की वजह से नहीं, नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता. किसी भी नाम की वजह से नहीं. किसी और चीज की वजह से, तो मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे नाम की वजह से ऐसा कभी नहीं लगता और मुझे उम्मीद है कि ऐसा कभी न हो. किसी के साथ भी, सिर्फ मेरे साथ नहीं– ऐसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए. हमारा कल्चर बहुत अलग-अलग तरह का है, और हमें इसे सेलिब्रेट करना चाहिए.'
क्या कहा था एआर रहमान ने?
इंडस्ट्री में भेदभाव की बहस रहमान के एक इंटरव्यू से हुई थी. उनसे पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी बॉलीवुड में भेदभाव का सामना किया है? इस पर रहमान ने कहा था कि शायद पिछले आठ सालों में पावर शिफ्ट होने की वजह से कुछ बदलाव आए हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अब पावर उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं और इसमें सांप्रदायिकता का एंगल भी हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म 'छावा' की आलोचना भी की थी, हालांकि इस फिल्म में म्यूजिक रहमान ने ही दिया था.
इस विवाद के बीच, रहमान ने एक वीडियो में सफाई देते हुए कहा कि उनके कमेंट्स को गलत समझा गया है और उनका कभी किसी को दुख पहुंचाने का इरादा नहीं था.
aajtak.in