फिल्म 'ओ रोमियो' शाहिद कपूर के लिए एक बड़ी उम्मीद से कम नहीं है. इस फिल्म से वो अपने फेवरेट डायरेक्टर विशाल भारद्वाज के साथ वापस आ रहे हैं. 7 साल से एक्टर एक क्लीन बॉक्स ऑफिस हिट की तलाश में है, जो अब खत्म होती नजर आ रही है. हाल ही में अपनी फिल्म की रिलीज के मौके पर शाहिद ने HT से बातचीत की, जहां उन्होंने विशाल भारद्वाज के साथ कोलैब से लेकर अपने किरदार पर बात की.
कैसे 'ओ रोमियो' के लिए राजी हुए शाहिद?
शाहिद से पूछा गया कि क्या वो विशाल भारद्वाज की फिल्म को तुरंत हां कह देते हैं या वो स्क्रिप्ट भी सुनते हैं? तो इसपर एक्टर ने बताया कि वो कुछ हद तक हां बोल देते हैं, लेकिन प्रोफेशनली ऐसा नहीं हो पाता. अगर उन्हें 'ओ रोमियो' से वो कनेक्ट नहीं महसूस हो पाता, तो वो फिल्म नहीं करते.
शाहिद ने कहा, 'अगर हम क्रिएटिव लोग किसी फिल्म से नहीं कनेक्ट कर पाते, तो उस फिल्म को करना गलत है. अगर हम ईमानदार नहीं रहेंगे, तो ये सबके साथ अन्याय होगा. मैं इस फिल्म से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता हूं. विशाल सर से मिलने से पहले मेरे दिमाग में एक बात पहले से तय थी कि अभी मेरे करियर के इस स्टेज पर मैं ऐसी फिल्म नहीं करना चाहता जो बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंटल हो, या सिर्फ थोड़े से समझदार लोगों के लिए बनी हो. मैं ऐसी फिल्म चाहता हूं जो आम लोगों के लिए हो. जिनकी सोच सीधी-सादी है, जो थिएटर में सिर्फ एंटरटेनमेंट लेने जाते हैं.'
उस्तारा बनने में शाहिद को लगता था वक्त
शाहिद ने आगे अपने किरदार उस्तारा पर भी बात की. एक्टर ने खुलासा किया कि उन्हें इस किरदार में ढलने के लिए करीब 2 घंटे का समय लगता था. शाहिद की पूरी बॉडी पर टैटू डिजाइन किए जाते थे, जिसमें काफी समय लगता था. वो बताते हैं, 'इस फिल्म में सबसे मुश्किल चीज मेरी बॉडी ही थी. पूरी बॉडी पर टैटू लगे हुए थे, सेट पर जाने से पहले इन्हें लगाने में ढाई घंटे लग जाते थे. मेरी को-स्टार तृप्ति डिमरी का तो बिना मेकअप वाला लुक था. मैंने उनसे मजाक में कहा कि इस फिल्म में तो मैं ही हीरोइन हूं यार! आप तो बस दो मिनट में तैयार होकर सेट पर आ जाती हो.'
फिल्म 'ओ रोमियो' 13 फरवरी यानी आज के दिन थिएटर्स में रिलीज हो गई है. इस फिल्म में शाहिद, तृप्ति के अलावा नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया, विक्रांत मैसी और अविनाश तिवारी भी शामिल हैं.
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