'वो मेरे परिवार के बड़े सदस्य जैसे थे', मुलायम सिंह यादव के निधन से दुखी जया बच्चन

आजतक ने एक्ट्रेस और सांसद जया बच्चन से बातचीत की. जया ने बताया कि मुलायम सिंह यादव कैसे लीडर थे. साथ ही उनका रिश्ता नेताजी से कैसा रहा. जया बच्चन ने कहा कि वह बहुत दरियादिल, दयालु, महान स्ट्रैटिजिस्ट. मेरा और उनका रिश्ता ऐसा ही था. मैं उनकी बहुत इज्जत करती थी. वो मेरे परिवार के बड़े सदस्य जैसे थे.

Advertisement
जया बच्चन, मुलायम सिंह यादव जया बच्चन, मुलायम सिंह यादव

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया है. खराब तबीयत के चलते नेता जी ने सोमवार सुबह अपनी आखिरी सांस ली. पार्टी के सीनियर मेम्बर का जाना सदस्यों के लिए दुखभरा है. ऐसे में आजतक ने एक्ट्रेस और सांसद जया बच्चन से बातचीत की. जया ने बताया कि मुलायम सिंह यादव कैसे लीडर थे. साथ ही उनका रिश्ता नेताजी से कैसा रहा.

Advertisement

सवाल: जया बच्चन जी आप मुलायम सिंह यादव जी के साथ पारिवारिक और राजनीतिक रूप से जुड़ी रही हैं. क्या कॉन्ट्रिब्यूशन है मुलायम सिंह जी का देश की राजनीति में? 

जया बच्चन: मुलायम सिंह जी ने मुझे 16 साल पहले जब राजनीति में प्रवेश करने के लिए कहा तो मुझे नहीं पता था कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा. लेकिन उनका स्नेह हमेशा एक जैसा ही रहा. मैंने उन्हें देखा कि वो पार्टी में लोगों के साथ कैसे मिलते थे. उनके अंदर बहुत आत्मियता थी. वो दूसरों से उन्हीं के लहजे में बात करते थे. मैं कई बार उनसे कहती थी कि पार्टी का कोई भी सदस्य आपसे कुछ भी मीटिंग कह देता है. थोड़ा बहुत अनुशासन होना चाहिए. आप इसने कुछ कहते नहीं हैं. तो वो मुझसे कहते थे कि मैं जो भी हूं आज इन्हीं की वजह से हूं. 

Advertisement

सवाल: आपको क्या लगता है कि कई लोग कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव समाजवाद के रास्ते से भटक गए. उसमें उदाहरण लिया जाता है कि बॉलीवुड के लोग समाजवादी पार्टी से जुड़ गए. आप कहेंगे कि वो समाजवादी पार्टी को बढ़ा रहे थे या फिर वो समाजवादी पार्टी का खत्म हो जाना था?

जया बच्चन: नहीं, मैं नहीं कहूंगी कि ये पार्टी का खत्म हो जाना था. मुझे लगता है कि कला के क्षेत्र में जो कलाकार होते हैं, उनकी क्या राजनैतिक सोच, विचार नहीं होते हैं. अगर उन्हें कहा गया कि आप लोगों को और मिलना चाहिए और बुलाना चाहिए, कला के क्षेत्र में चाहे वो राइटर हो, पेंटर हो, सिंगर्स हो, तो उन्होंने अपनी सोच को आगए बढ़ाने की कोशिश की. एक पार्टी की सोच को बढ़ाया, लेकिन जमीन से जुड़े रहे.

सवाल: आप उन्हें कुछ शब्दों में कैसा बताएंगी.

जया बच्चन: मुझे लगता है कि वह बहुत दरियादिल, दयालु, महान स्ट्रैटिजिस्ट. उन्हें कई लोगों से धोखे भी खाने पड़े थे. लेकिन फिर भी वह विनम्र रहे. 

सवाल: आप आगे का रास्ता कैसे देखती हैं.

जया बच्चन: हमारी पार्टी में नेताजी का रोल पार्टी के एक सीनियर मेम्बर थे. पिछले काफी समय से वह एक्टिव भी नहीं थे. अखिलेश में यह चीज भरपूर है कि वह सभी को सम्मान देते हैं. अखिलेश के बारे में बात होती है तो मैं उन्हें लेकर बाइअस हूं. मैं चाहती हूं कि उनके जैसे यंग लीडर देश का नेतृत्व करेंगे. वह अलग सोच रखते हैं. आगे बढ़ने की सोच रखते हैं. नेता जी बहुत नम्र और बड़े दिल वाले इंसान थे.

Advertisement

आप अपने विचार उन्हें सुनाते थे तो वो सुनते थे, बहुत धैर्य के साथ सुनते थे. इसके बाद उन्हें जो करना है वो करते थे. बाद में कभी-कभी वह कहते थे कि तुम ऐसा क्यों बोलती हो. फिर मैं अपने मन की बात कह देती थी. मेरा और उनका रिश्ता ऐसा ही था. मैं उनकी बहुत इज्जत करती थी. वो मेरे परिवार के बड़े सदस्य जैसे थे. वो पति और बच्चों के बेहद अच्छे से पेश आते थे. मैं बहुत दुखी हूं. हमने अपने देश का बहुत महान सोच रखने वाला सोशल लीडर खो दिया है. वह आज जो हम देखते और सुनते हैं, उससे बहुत अलग थे. बहुत बड़े दिल वाले इंसान थे. मैंने बहुत बार देखा है जब उन्होंने दरियादिली दिखाई थी. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement