उत्तराखड के उधमसिंह नगर जिले की एक विधानसभा सीट है सितारगंज. सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के संपूर्णानंद शिविर यानी खुली जेल के इलाके में 1013 एकड़ भूभाग पर एल्डिको सिडकुल है जिसकी स्थापना सूबे की तत्कालीन सरकार ने साल 2003 में की थी. इस क्षेत्र में सिडकुल ने करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से 22 किलोमीटर लंबी सड़कें, नाले, 12 एकड़ भूमि में ट्रांसपोर्ट हब और सीवर का निर्माण कराया है.
सितारगंज एक तहसील भी है. उधमसिंह नगर जिले के पूर्वी भाग में स्थित इस तहसील का मुख्यालय सितारगंज नगर में ही स्थित है. इसके पूर्व में खटीमा तहसील, पश्चिम में किच्छा तहसील, उत्तर में नैनीताल जनपद की हल्द्वानी तहसील और दक्षिण दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य का पीलीभीत जिला पड़ता है. सितारगंज तहसील में 127 गांव हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सितारगंज विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो इस सीट के लिए उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 2002 में पहली दफे चुनाव हुए. पहले चुनाव में सितारगंज सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नारायण पाल विधायक निर्वाचित हुए. इस सामान्य सीट से 2007 में भी नारायण पाल दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए. सितारगंज विधानसभा सीट के लिए अब तक चार बार चुनाव हुए हैं. सितारगंज विधानसभा सीट से साल 2012 में कांग्रेस के विजय बहुगुणा विधायक निर्वाचित हुए थे जो बाद में पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए थे.
2017 का जनादेश
सितारगंज विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने विजय बहुगुणा के पुत्र सौरभ बहुगुणा को उम्मीदवार बनाया था. बीजेपी के सौरभ बहुगुणा के सामने कांग्रेस ने मालती विश्वास को चुनाव मैदान में उतारा था. बीजेपी के सौरभ बहुगुणा ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की मालती विश्वास को 28 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था.
सामाजिक ताना-बाना
सितारगंज विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां बंगाली और अल्पसंख्यक मतदाताओं की तादाद अधिक है. इस विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी इस विधानसभा क्षेत्र में अधिक है. सितारगंज विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
सितारगंज विधानसभा सीट से विधायक सौरभ बहुगुणा का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान विधानसभा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ है. सौरभ बहुगुणा का दावा है कि उनके कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचों के विकास पर काफी काम हुआ है. दूसरी तरफ विपक्षी दलों के नेता विधायक के दावे को हवा-हवाई बता रहे हैं.
रमेश चन्द्रा