उत्तराखंड के चमोली जिले की एक विधानसभा सीट है कर्णप्रयाग विधानसभा सीट. अलकनंदा और पिंडर के संगम पर बसा कर्णप्रयाग चार धाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है. यह चमोली जिले का केंद्र होने के साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं को भी जोड़ता है. ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल लाइन के निर्माण का कार्य चल रहा है. कर्णप्रयाग से 30 किलोमीटर दूर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भी है. देहरादून से कर्णप्रयाग की दूरी 230 किलोमीटर और दिल्ली से 420 किलोमीटर है.
कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र चमोली जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस विधानसभा क्षेत्र में तीन नगर पंचायतें- कर्णप्रयाग, गोचर और गैरसैंण आते हैं. उत्तराखंड राज्य के गठन से पहले इस विधानसभा क्षेत्र के इलाके बद्रीकेदार विधानसभा सीट के तहत आते थे. उत्तराखंड राज्य गठन के बाद कर्णप्रयाग विधानसभा सीट अस्तित्व में आई.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
कर्णप्रयाग विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो इस सीट के लिए अब तक चार बार चुनाव हुए हैं. अब तक हुए चार में से तीन चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवारों को जीत मिली है तो वहीं एक दफे कांग्रेस का प्रत्याशी भी जीता है. कर्णप्रयाग विधानसभा सीट के लिए 2002 और 2007 में बीजेपी के अनिल नौटियाल, 2012 में कांग्रेस के अनुसूया प्रसाद मैखुरी विधायक निर्वाचित हुए.
2017 का जनादेश
कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सुरेंद्र सिंह नेगी को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के सुरेंद्र सिंह नेगी विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे. बीजेपी के सुरेंद्र सिंह नेगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अनुसूया प्रसाद मैखुरी को सात हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था.
सामाजिक ताना-बाना
कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब एक लाख मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट के जातीय समीकरणों की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की बहुलता है. इस विधानसभा क्षेत्र में ब्रह्मण के साथ ही क्षत्रिय और दलित मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के सुरेंद्र सिंह नेगी का जन्म 9 सितंबर 1964 को चमोली जिले के गैरसैंण के सोनियाना गांव में हुआ था. सुरेंद्र सिंह नेगी ने 10वीं तक पढ़ाई की है. 2012 में सुरेंद्र सिंह नेगी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे. तब सुरेंद्र सिंह नेगकी को 300 वोट के करीबी अंतर से मात मिली थी. कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी गैरसैण ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख भी रहे हैं.
कमल नयन सिलोड़ी