उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh assembly elections) में आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दामाद राहुल यादव ने सिकंदराबाद सीट से सपा-रालोद गठबंधन से अपना नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान राहुल यादव ने कहा कि इस बार बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और किसानों के मुद्दे मुख्य हैं.
खाद्य तेल हो या फिर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सभी के दाम बढ़ते जा रहे हैं. महंगाई से आम जनता परेशान है. किसान की आय दोगुनी करने का वादा केंद्र व प्रदेश सरकार ने किया था, लेकिन आय दोगुनी नहीं हुई, बल्कि किसान के उपयोग में आने वाले हर एक सामान की कीमत दोगुनी हो गई. आम आदमी का खर्चा पहले 10,000 में चल जाता था, अब 20 या 25000 में भी चलना मुश्किल है. महंगाई एक बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि मुकाबला किसी से नहीं है. जनता बदलाव चाह रही है और 10 मार्च को यह बदलाव दिखाई देगा.
बुलंदशहर की सीटों का समीकरण
बुलंदशहर जनपद में 7 विधानसभा सीटें हैं. बुलंदशहर लोकसभा में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं, इनमें बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई और शिकारपुर शामिल हैं. गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पहले खुर्जा लोकसभा सीट के नाम से जाना जाती थी, इसमें खुर्जा व सिकंदराबाद विधानसभा सीट शामिल है. जनपद की आबादी लगभग 40 लाख है, लेकिन मतदाताओं की संख्या 25 लाख 69 हज़ार 584 है. इसमें 13 लाख 62 हज़ार 875 पुरुष मतदाता हैं और 12 लाख 6 हजार 584 महिला मतदाता हैं.
मुस्लिम, ठाकुर व यादव मतदाताओं का बोलबाला
बुलंदशहर (Bulandshahar) जनपद की बात करें तो यहां लगभग 20 से 22% मुस्लिम हैं तो 80% के लगभग हिंदू मतदाता हैं. जातीय गठबंधन की बात करें तो सिकंदराबाद सीट पर मुस्लिम, ठाकुर व यादव मतदाताओं का बोलबाला रहा है. खुर्जा सीट पर पर भी ठाकुर और मुस्लिम व ब्राह्मण मतदाता काफी संख्या में हैं. बुलंदशहर सदर सीट पर मुस्लिम और जाट व एल आर (लोधी राजपूत) व दलित वोट काफी संख्या में हैं.
वहीं डिबाई सीट पर मुस्लिम और एलआर व ब्राह्मण मतदाता अधिक हैं. शिकारपुर सीट पर भी मुस्लिम, जाट व ब्राह्मण मतदाता काफी संख्या में हैं. स्याना सीट पर मुस्लिम, एलआर (लोधी राजपूत) और दलित वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं. अनूपशहर सीट पर भी जाट, मुस्लिम व ब्राह्मण मतदाताओं का रुख तय करता है कि कौन प्रत्याशी जीतेगा.
कुल मिलाकर देखा जाए तो मुस्लिम के साथ सभी सात विधानसभाओं पर एक या दो जातियां ऐसा गठजोड़ बना रही हैं कि यदि इन जातियों का समावेश मुस्लिम मतदाताओं के साथ हो जाता है तो प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित मानी जाती है.
BJP ने काटा है इनका टिकट
2022 विधानसभा चुनावों में बुलंदशहर की 7 सीटों में से 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सत्तारूढ़ विधायकों की सीट के टिकट काटकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया. यह प्रत्याशी यदि विपक्षी दलों में जाकर टिकट मांगते हैं या फिर दूसरे विरोधी प्रत्याशी को समर्थन करते हैं तो भाजपा के लिए बड़ी सिरदर्दी साबित होगा. भाजपा ने सिकंदराबाद में दो बार की सीटिंग MLA विमला सोलंकी, खुर्जासीट पर विजेंद्र सिंह बुलंदशहर सदर पर उषा सिरोही और डिबाई सीट पर अनीता राजपूत का भाजपा ने टिकट काटा है.
किस पार्टी ने किसे बनाया प्रत्याशी
2022 के चुनावों में समाजवादी पार्टी (SP) और रालोद (RLD) का गठबंधन है. रालोद के कोटे में बुलंदशहर सदर सीट पर हाजी यूनस, शिकारपुर पर किरन पाल और स्याना सीट पर दिलनवाज प्रत्याशी तय किए गए हैं. सिकंदराबाद सीट पर राहुल यादव, खुर्जा सीट पर बंसी पहाड़िया, डिबाई सीट पर हरीश लोधी सपा के प्रत्याशी हैं. अनूपशहर सीट एनसीपी के साथ गठबंधन में है, जिस पर संयुक्त प्रत्याशी केके शर्मा को उतारा गया है.
मुकुल शर्मा